मुजफ्फरनगर | उत्तर प्रदेश में नशा माफियाओं और मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे जीरो टॉलरेंस अभियान के तहत मुजफ्फरनगर की खालापार पुलिस को एक ऐतिहासिक सफलता हाथ लगी है। पुलिस ने अंतरराज्यीय स्तर पर प्रतिबंधित नशीली दवाओं की सप्लाई करने वाले एक बड़े सिंडिकेट का पर्दाफाश किया है। पुलिस टीम ने मौके से भारी मात्रा में खेप बरामद करते हुए तीन शातिर तस्करों को गिरफ्तार किया है, जबकि इनके कब्जे से तस्करी में इस्तेमाल होने वाली एक कार भी जब्त की गई है।

11 लाख से ज्यादा प्रतिबंधित कैप्सूल, कीमत ₹1 करोड़
वरिष्ठ पुलिस अधिकारी से मिली जानकारी के अनुसार, खालापार पुलिस ने सटीक मुखबिर की सूचना पर घेराबंदी कर चेकिंग अभियान चलाया था। इस दौरान एक संदिग्ध कार को रोककर जब उसकी तलाशी ली गई, तो पुलिस अधिकारियों के भी होश उड़ गए। कार के भीतर से नशीली दवाओं से भरे 32 बड़े कार्टून बरामद हुए। इन कार्टूनों को खोलने पर कुल 11,66,400 नशीले कैप्सूल बरामद किए गए, जिनकी अंतरराष्ट्रीय ब्लैक मार्केट में अनुमानित कीमत लगभग 1 करोड़ रुपये आंकी जा रही है।

इन तीन बड़े सौदागरों की हुई गिरफ्तारी
पुलिस ने मौके से जिन तीन मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया है, उनकी पहचान निम्नलिखित रूप में हुई है:

  1. अश्वनी
  2. विनोद
  3. यशपाल

चार राज्यों में फैला था सप्लायर नेटवर्क, 9 जा चुके जेल
पुलिस की शुरुआती पूछताछ में आरोपियों ने कुबूल किया है कि उनका यह नेटवर्क बेहद सुनियोजित तरीके से काम करता था। ये लोग मुजफ्फरनगर को केंद्र बनाकर उत्तराखंड, पंजाब, हरियाणा और दिल्ली-एनसीआर के युवाओं और लती लोगों को यह प्रतिबंधित नशीली दवाएं महंगे दामों पर सप्लाई करते थे। एसएसपी मुजफ्फरनगर के निर्देशन में चल रहे इस अभियान के तहत पुलिस इस ड्रग्स नेटवर्क पर लगातार प्रहार कर रही है और इसी कड़ी में अब तक 9 बड़े नशे के सौदागरों को सलाखों के पीछे भेजा जा चुका है। पुलिस अब इन तीनों तस्करों के खिलाफ एनडीपीएस (NDPS) एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर जेल भेज रही है और इनके बैंक खातों तथा बेनामी संपत्तियों की जांच भी शुरू कर दी गई है।


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