​पीलीभीत। आज के आधुनिक युग में सुरक्षा व्यवस्था को तकनीकी रूप से सुदृढ़ करने के उद्देश्य से 49वीं वाहिनी सशस्त्र सीमा बल के न्यू लोकेशन परिसर में एक विशेष कार्यशाला का आयोजन किया गया। गुरुवार को आयोजित इस कार्यशाला का मुख्य विषय “ड्रोन संचालन एवं प्रबंधन” रहा, जिसमें पीलीभीत पुलिस की ‘ड्रोन सेल’ द्वारा एसएसबी के जवानों को आधुनिक तकनीक का प्रशिक्षण दिया गया।
​कार्यशाला के दौरान ड्रोन सेल के तकनीकी विशेषज्ञों ने ड्रोन के परिचालन, उसकी जटिल बनावट, कल-पुर्जों और प्रबंधन की बारीकियों के बारे में विस्तार से जानकारी साझा की। विशेषज्ञों ने जोर देकर कहा कि आज के तकनीकी युग में ड्रोन एक क्रांति की तरह उभरा है और आने वाले समय में ‘ड्रोन-एज-ए-सर्विस’ भारत के विकास और सुरक्षा की रफ्तार को नई ऊंचाई प्रदान करेगा। डिजिटल इंडिया के इस दौर में ड्रोन अब सुरक्षा बलों का एक अनिवार्य साथी बन चुका है।
​इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में वाहिनी के समस्त कार्मिकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। यह कार्यशाला अंतर-बल सहयोग का एक बेहतरीन उदाहरण पेश करती है, जहाँ उत्तर प्रदेश पुलिस की तकनीकी विशेषज्ञता और एसएसबी के जमीनी अनुभवों का संगम देखने को मिला। अधिकारियों का मानना है कि इस प्रकार के तकनीकी तालमेल से भविष्य में सीमा सुरक्षा और अधिक अभेद्य व सुरक्षित होगी। ड्रोन तकनीक के माध्यम से अब दुर्गम क्षेत्रों और सीमावर्ती इलाकों की निगरानी अधिक सटीकता से की जा सकेगी।

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