पीलीभीत। उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर राजनीतिक दलों ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। इसी क्रम में राष्ट्रीय लोकदल (रालोद) ने पीलीभीत जिले में संगठनात्मक गतिविधियां बढ़ाते हुए एनडीए गठबंधन के तहत पीलीभीत विधानसभा सीट पर अपनी दावेदारी के संकेत दिए हैं। मंगलवार को लोक निर्माण विभाग के अतिथि गृह में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस और संगठनात्मक बैठक में आगामी चुनाव की रणनीति और संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत करने को लेकर मंथन किया गया।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में रालोद के कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष अनुपम मिश्र, उत्तर प्रदेश अनुसूचित जाति एवं जनजाति आयोग के सदस्य नरेंद्र सिंह खजूरिया, क्षेत्रीय तराई अध्यक्ष पीके पटेल और ब्रह्मपाल सिंह तोमर ने पार्टी की मौजूदा स्थिति और आगामी चुनाव को लेकर संगठनात्मक तैयारियों की जानकारी साझा की।
बैठक में बूथ स्तर तक संगठन को मजबूत करने, नए कार्यकर्ताओं को पार्टी से जोड़ने और संभावित विधानसभा सीट पर राजनीतिक आधार मजबूत करने को लेकर चर्चा हुई। पार्टी के वरिष्ठ पदाधिकारियों की मौजूदगी को स्थानीय कार्यकर्ता पीलीभीत विधानसभा सीट पर रालोद की सक्रियता और संभावित दावेदारी से जोड़कर देख रहे हैं।
रालोद जिलाध्यक्ष अनिल चौधरी, जिला महासचिव पुष्पेंद्र सिंह और नगर अध्यक्ष वीरेंद्र रस्तोगी ने कहा कि जिले में संगठन को धरातल पर सक्रिय करने के लिए लगातार काम किया जा रहा है। कार्यकर्ताओं को बूथ स्तर तक जिम्मेदारियां देकर संगठन को मजबूत करने की दिशा में प्रयास किए जा रहे हैं।
हालांकि, पार्टी नेताओं ने स्पष्ट किया कि एनडीए में विधानसभा सीटों का अंतिम बंटवारा गठबंधन के शीर्ष नेतृत्व द्वारा ही तय किया जाएगा। ऐसे में पीलीभीत सीट को लेकर रालोद की ओर से फिलहाल संगठनात्मक सक्रियता और दावेदारी के संकेत के तौर पर ही देखा जा रहा है।
बैठक के बाद स्थानीय रालोद कार्यकर्ताओं में उत्साह नजर आया। इस दौरान सुभाष आनंद, राकेश मित्तल, अमन जाटव, राकेश श्रीवास्तव, शैलेंद्र शुक्ला, रोहित मिश्रा उर्फ मिंटू मिश्रा, टीएस खान, रिजवान, नरेश सक्सेना, अनमोल मित्तल और सोनू समेत पार्टी के तमाम पदाधिकारी व कार्यकर्ता मौजूद रहे।