हरिद्वार। अर्धकुंभ 2027 को ऐतिहासिक और भव्य बनाने की तैयारियों के बीच गढ़वाली धर्मशाला, गुजरांवाला भवन मार्ग, हरिद्वार में गढ़वाल महासभा और श्रीदेवभूमि लोक संस्कृति विरासत शोभा यात्रा समिति, ढालवाला की संयुक्त बैठक हुई। बैठक में तय किया गया कि इस बार अर्धकुंभ का प्रमुख आकर्षण देवभूमि उत्तराखंड के देवी-देवताओं की देवडोलियों, निशानों और विग्रहों की दिव्य शोभायात्रा तथा चवन्न स्नान रहेगा।

समिति के पदाधिकारियों ने बताया कि शासन की 16 अप्रैल 2010 की अधिसूचना के बाद वर्ष 2010 के कुंभ में उत्तराखंड की 137 देवडोलियों ने प्रतिभाग किया था। इसके बाद 2016 के अर्धकुंभ में भी यह परंपरा जारी रही। वर्ष 2021 में कोरोना महामारी के कारण यह आयोजन नहीं हो सका था। अब वर्ष 2027 में इसे अर्धकुंभ के प्रमुख आयोजनों में शामिल करने की तैयारी की जा रही है।

कार्यक्रम की शुरुआत 9 मार्च 2027 को धर्म ध्वज स्थापना महोत्सव से होगी। इसके बाद 10 मार्च को ऋषिकेश के त्रिवेणी घाट पर सभी देवडोलियों का भव्य स्वागत किया जाएगा। 14 मार्च को हरिद्वार में देवडोलियों की शोभायात्रा और गंगास्नान का आयोजन होगा, जबकि 15 मार्च को पावन स्नान के साथ आयोजन का गरिमामय समापन किया जाएगा।

समिति की ओर से सभी ग्रामों, क्षेत्रों और जनपदों के सनातनी श्रद्धालुओं से इस सांस्कृतिक धरोहर यात्रा में बढ़-चढ़कर भाग लेने की अपील की गई है। आयोजकों ने श्रद्धालुओं से समय पर रजिस्ट्रेशन प्रपत्र भरकर जमा करने का अनुरोध किया है, ताकि यात्रा, आवास और भोजन सहित अन्य व्यवस्थाओं में किसी प्रकार की असुविधा न हो।

बैठक में अध्यक्ष बंशीधर पोखरियाल, गिरीश थपलियाल, हरमणि व्यास, द्वारिका प्रसाद भट्ट, डॉ. संपूर्णानंद रतूड़ी, महंत अनिल गिरी, मुकेश जोशी, प्रमोद डोभाल सहित दोनों संगठनों के पदाधिकारी मौजूद रहे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Copyright © 2026 Adhunik Duniya | Owned by Akash Singh | Maintained by Lalit Rastogi