सितारगंज। एससी-एसटी शिक्षक एसोसिएशन ने अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के छात्र-छात्राओं की छात्रवृत्ति राशि बढ़ाने समेत अपनी 19 सूत्रीय मांगों को लेकर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को संबोधित एक ज्ञापन एसडीएम तुषार सैनी को सौंपा [1]। एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने दो टूक शब्दों में चेतावनी दी है कि यदि उनकी जायज मांगों पर जल्द ही सकारात्मक और समयबद्ध निर्णय नहीं लिया गया, तो संगठन लोकतांत्रिक और संवैधानिक दायरे में रहकर प्रदेशव्यापी जन-जागरूकता और आंदोलनात्मक कार्यक्रम शुरू करने को बाध्य होगा [1]।
🎓 छात्रों और शिक्षकों से जुड़ी प्रमुख मांगें:
मंगलवार को एसडीएम कार्यालय पहुंचे पदाधिकारियों ने ज्ञापन के माध्यम से कई महत्वपूर्ण मुद्दे उठाए
- छात्रवृत्ति और शिक्षा: एससी-एसटी विद्यार्थियों की छात्रवृत्ति राशि में बढ़ोतरी की जाए, इसके पात्रता नियमों में व्यावहारिक ढील दी जाए और समय पर भुगतान सुनिश्चित हो। साथ ही डिजिटल सहायता योजनाओं और छात्रावासों को सुदृढ़ किया जाए।
- शिक्षकों के अधिकार: शिक्षकों के लिए पारदर्शी ऑनलाइन स्थानांतरण नीति लागू हो, लंबे समय से लंबित पदोन्नति प्रक्रिया शुरू की जाए और पदोन्नति में आरक्षण के संवैधानिक प्रावधानों का पूरी तरह पालन हो।
- आयोग की रिपोर्ट: ईशात हुसैन आयोग की रिपोर्ट को तत्काल सार्वजनिक कर उसकी सिफारिशों (संस्तुतियों) पर शीघ्र कार्रवाई की जाए।
💼 आउटसोर्सिंग में आरक्षण और पुरानी पेंशन बहाली पर जोर:
एसोसिएशन ने संविदा और आउटसोर्सिंग सेवाओं में भी आरक्षण व्यवस्था को कड़ाई से लागू करने की मांग उठाई है। इसके अतिरिक्त, अशासकीय विद्यालयों में कार्यरत शिक्षक-कर्मचारियों के वेतन भुगतान के लिए एक स्थायी व पारदर्शी सिस्टम बनाने, सफाई कर्मचारियों के स्थायीकरण, पुरानी पेंशन योजना (OPS) को बहाल करने और गोल्डन कार्ड योजना के तहत बेहतर व गुणवत्तापूर्ण कैशलेस स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग प्रमुखता से की गई।
ज्ञापन सौंपने के दौरान यह रहे मौजूद:
इस अवसर पर एसोसिएशन के अध्यक्ष रोहित कुमार, मंत्री मुकेश कुमार, संजय टम्टा, विपिन कुमार, ललित प्रसाद, संजय कुमार, मोनिका और जगदीश कुमार समेत संगठन के कई वरिष्ठ पदाधिकारी और शिक्षक मुख्य रूप से उपस्थित रहे।