रुद्रपुर। उत्तराखंड के ऊधम सिंह नगर जिले के रुद्रपुर में अंतरिक्ष और उपग्रहों में इस्तेमाल होने वाले कथित “राइस पुलर” (Rice Puller – आरपी) धातु के नाम पर लाखों रुपये की ठगी का एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है। रुद्रपुर की डॉक्टर कॉलोनी निवासी बलवंत राय अरोड़ा ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) को एक शिकायती पत्र सौंपकर एक अंतरराज्यीय संगठित गिरोह पर ₹22 लाख 50 हजार की धोखाधड़ी का संगीन आरोप लगाया है। ठगों ने पीड़ित को झांसा दिया था कि इस दुर्लभ धातु की अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत करोड़ों रुपये है। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए बैंक ट्रांजैक्शन और कॉल रिकॉर्डिंग के आधार पर जांच शुरू कर दी है।

लखनऊ के सुनसान इलाके में बिछाया जाल, कांच के बॉक्स में दिखाई धातु
पीड़ित बलवंत राय अरोड़ा के अनुसार, दिसंबर 2024 में सिक्किम के रहने वाले राजू घोष नामक व्यक्ति ने उनसे संपर्क किया था। राजू ने दावा किया कि उसके पास एक असली “राइस पुलर” धातु है, जिसकी विदेशों में भारी मांग है। इसके बाद फरवरी 2025 में आरोपियों ने पीड़ित को उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ बुलाया। वहाँ एक सुनसान इलाके में ले जाकर बलवंत राय को कांच के बॉक्स में बंद एक कथित धातु दिखाई गई और उसे अंतरिक्ष तकनीक में उपयोग होने वाला दुर्लभ एंटीक पदार्थ बताया गया।

‘मॉस्को से आएंगे वैज्ञानिक’, झांसा देकर ऐंठ लिए लाखो रुपये
इस जालसाजी में खुद को “मैसर्स अर्निंगा एन्टीक मैटल्स” कंपनी से जुड़ा बताने वाले सुमित पाठक, उसकी पीए इशिका और सपना गोयल भी शामिल हो गए। आरोपियों ने पीड़ित को पूरी तरह अपने भरोसे में ले लिया। उन्होंने बलवंत राय को झांसा दिया कि इस धातु की अंतिम जांच रूस के मॉस्को से आने वाले परमाणु वैज्ञानिक करेंगे, जिसकी लैब टेस्टिंग और कागजी कार्रवाई के लिए ₹22.50 लाख का खर्च आएगा। भारी मुनाफे के लालच में आकर पीड़ित ने आरोपी सपना गोयल के बैंक खातों में ₹12.50 लाख ऑनलाइन ट्रांसफर कर दिए, जबकि ₹10 लाख की नकदी दिल्ली स्थित आरोपियों के कार्यालय में जाकर सौंप दी।

दिल्ली कार्यालय में दी जान से मारने की धमकी, पुलिस को सौंपे पुख्ता सबूत
रकम ऐंठने के बाद जब टेस्टिंग की तारीखें बार-बार टलने लगीं, तो पीड़ित को ठगी का अहसास हुआ। बलवंत राय द्वारा लगातार पैसे वापस मांगने के दबाव के बाद आरोपियों ने कुछ रकम तो वापस की, लेकिन शेष ₹16.50 लाख हड़प लिए। आरोप है कि बीती 20 अप्रैल 2026 को जब पीड़ित अपने पैसों के तगादे के लिए आरोपियों के दिल्ली कार्यालय पहुंचा, तो सुमित पाठक और उसके साथियों ने उसके साथ गाली-गलौज की और जान से मारने की धमकी देकर वहां से भगा दिया। धोखाधड़ी का शिकार हुए कारोबारी ने अब एसएसपी ऊधम सिंह नगर को अपनी तहरीर के साथ व्हाट्सएप चैट, कॉल रिकॉर्डिंग और बैंक ट्रांजैक्शन के पुख्ता डिजिटल साक्ष्य सौंपे हैं, जिसके आधार पर पुलिस की क्राइम विंग गिरोह के सदस्यों की कुंडली खंगालने में जुट गई है।

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