पीलीभीत। जनपद में स्कूली बच्चों की सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित करने और अनाधिकृत रूप से उनका परिवहन करने वाले वाहनों पर अंकुश लगाने के उद्देश्य से परिवहन विभाग ने कड़ा रुख अपनाया है। ‘मिशन सेफ फ्यूचर-3’ अभियान के तहत गुरुवार को सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (एआरटीओ) सुशील कुमार मिश्रा एवं यात्रीकर अधिकारी बर्डिस चतुर्वेदी के नेतृत्व में जनपद के विभिन्न प्रमुख मार्गों पर सघन चेकिंग व प्रवर्तन कार्रवाई चलाई गई।
कार्रवाई के दौरान अधिकारियों ने निजी प्रयोग हेतु पंजीकृत वाहनों, टेंपो और ई-रिक्शा द्वारा नियमों के विरुद्ध बच्चों को लाने-ले जाने वाले वाहनों की गहन जांच की। इस चेकिंग अभियान में वाहनों के पंजीयन, फिटनेस, परमिट, बीमा, प्रदूषण प्रमाण-पत्र तथा चालकों के वैध ड्राइविंग लाइसेंस सहित अन्य आवश्यक दस्तावेजों को परखा गया। नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर कुल 15 वाहनों के खिलाफ कार्रवाई की गई, जिनमें से 5 वाहनों को सीज (निरुद्ध) कर पुलिस अभिरक्षा में दिया गया, जबकि 10 वाहनों के चालान काटे गए।
एआरटीओ सुशील कुमार मिश्रा एवं यात्रीकर अधिकारी बर्डिस चतुर्वेदी ने स्पष्ट किया कि बच्चों की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। बिना अनुमति या मानकों के विपरीत चल रहे निजी वाहनों, ई-रिक्शा और टेंपो में स्कूली बच्चों को बैठाना बेहद जोखिम भरा है और यह पूरी तरह से गैर-कानूनी है। अधिकारियों ने चेतावनी दी कि नियमों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ आगे भी यह विशेष अभियान चलाकर और सख्त दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।

परिवहन विभाग ने इस अवसर पर जनपद के सभी विद्यालय प्रबंधनों, वाहन चालकों और अभिभावकों से सहयोग की अपील की। विभाग ने जोर देकर कहा कि बच्चों को स्कूल लाने-ले जाने के लिए केवल निर्धारित सरकारी मानकों के अनुरूप और वैध दस्तावेजों से लैस अधिकृत स्कूली वाहनों का ही प्रयोग करें, ताकि बच्चों की दैनिक यात्रा पूरी तरह से सुरक्षित और सुगम बनी रहे।