चेन्नई | तमिलनाडु के नए मुख्यमंत्री और तमिलगा वेत्री कषगम (TVK) के प्रमुख थलपति विजय ने सत्ता संभालते ही राज्य में अपनी चुनावी ‘व्हिसल क्रांति’ को अमलीजामा पहनाना शुरू कर दिया है। 10 मई को मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के बाद विजय ने आज अपना सबसे बड़ा चुनावी वादा पूरा करते हुए राज्य भर में धार्मिक स्थलों, स्कूलों और बस स्टैंडों के पास अवैध रूप से चल रही 717 शराब की दुकानों को तत्काल बंद करने का कड़ा आदेश जारी कर दिया है।
500 मीटर के दायरे का उल्लंघन करने वाली दुकानों पर गाज
मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) द्वारा जारी आधिकारिक आदेश के अनुसार, टीवीके ने अपने चुनावी घोषणापत्र में राज्य को ‘एंटी-ड्रग प्रोटेक्शन जोन’ बनाने का वादा किया था। इसी वादे के तहत नए नियमों के अनुसार धार्मिक स्थलों, शैक्षणिक संस्थानों और बस अड्डों के आसपास 500 मीटर से कम दूरी पर स्थित शराब की दुकानों को प्रतिबंधित किया गया है। सर्वे के बाद चिन्हित की गई कुल 717 दुकानें इस नियम का उल्लंघन कर रही थीं, जिन पर अब ताला लगाने का आदेश दे दिया गया है।
बंद होने वाली दुकानों का आधिकारिक गणित:
- 276 दुकानें: प्रमुख धार्मिक स्थलों और मंदिरों के बिल्कुल नजदीक थीं।
- 186 दुकानें: स्कूलों, कॉलेजों और शैक्षणिक संस्थानों के पास संचालित थीं।
- 255 दुकानें: राज्य के व्यस्त बस स्टैंडों और सार्वजनिक टर्मिनलों के पास थीं।
गठबंधन सरकार और दो सीटों से जीते हैं थलपति विजय
तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में थलपति विजय की पार्टी टीवीके ने शानदार प्रदर्शन करते हुए अकेले 108 सीटों पर ऐतिहासिक जीत दर्ज की है। उन्होंने राज्य की दो अलग-अलग विधानसभा सीटों से चुनाव लड़ा था और दोनों ही सीटों पर बंपर जीत हासिल की है। टीवीके ने राज्य में कांग्रेस, सीपीआई (CPI), सीपीआई-एम (CPI-M), वीसीके (VCK) और आईयूएमएल (IUML) जैसी छोटी और क्षेत्रीय पार्टियों के सहयोग से एक मजबूत गठबंधन सरकार बनाई है।
13 मई को विधानसभा में होगा ‘फ्लोर टेस्ट’
मुख्यमंत्री थलपति विजय का यह ताबड़तोड़ फैसला ऐसे समय में आया है जब उन्हें ठीक एक दिन बाद, यानी 13 मई 2026 को तमिलनाडु विधानसभा में अपना बहुमत (Floor Test) साबित करना है। बता दें कि 10 मई को जब राज्यपाल ने उन्हें सरकार बनाने और शपथ ग्रहण के लिए आमंत्रित किया था, तभी बहुमत साबित करने के लिए 13 मई की तारीख तय कर दी गई थी। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि फ्लोर टेस्ट से ठीक पहले शराबबंदी की दिशा में उठाया गया यह कदम विजय सरकार के लिए जनता और गठबंधन सहयोगियों के बीच एक बड़ा सकारात्मक संदेश लेकर जाएगा।