​पीलीभीत। प्राचीन, प्रसिद्ध एवं ऐतिहासिक धार्मिक स्थल बड़ागांव के बढ़ाताल पर एक भव्य विशाल भंडारे का आयोजन किया गया। धार्मिक अनुष्ठानों के साथ शुरू हुए इस कार्यक्रम में सुबह सर्वप्रथम प्राचीन मंदिर पर विधि-विधान से पूजा-अर्चना की गई, जिसके उपरांत श्रद्धा भाव से कन्या पूजन कर उनका आशीर्वाद लिया गया। इसके बाद बाबा के प्रसाद के रूप में भंडारे की शुरुआत हुई, जिसमें सुबह से लेकर दोपहर तक श्रद्धालुओं को कढ़ी-चावल का प्रसाद छकाया गया। वहीं, दोपहर के बाद से लेकर देर शाम तक पूड़ी-सब्जी के भंडारे का दौर अविरल चलता रहा। इस धार्मिक आयोजन की विशेष बात यह रही कि भंडारे का पूरा प्रसाद महिलाओं द्वारा अत्यंत शुद्धता और सेवा भाव से तैयार किया गया था।
​इस विशाल भंडारे में कई गांवों से आए श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा। बच्चे, महिलाएं, बुजुर्ग और युवाओं सहित समाज के हर वर्ग के लोगों ने पंगत (लाइन) में एक साथ बैठकर पूरी श्रद्धा के साथ प्रसाद ग्रहण किया, जिससे क्षेत्र में सामाजिक एकता, भाईचारे और समानता के संदेश को बल मिला। आध्यात्मिक माहौल को और अधिक दिव्य बनाने के लिए भंडारे के दौरान भक्तिमय भजन-कीर्तन का भी आयोजन किया गया, जिसमें श्रद्धालु झूमते नजर आए। इसके साथ ही, सनातन परंपरा का निर्वहन करते हुए भंडारे में मूक पशु-पक्षियों के लिए भी भोजन व दाने की विशेष व्यवस्था की गई।
​भंडारे को सुचारू और अनुशासित ढंग से संपन्न कराने तथा व्यवस्थाओं को संभालने में क्षेत्र के गणमान्य नागरिकों और जनप्रतिनिधियों ने अपनी सक्रिय भूमिका निभाई। इस दौरान मुख्य रूप से रामलाल प्रधान, सचिन गंगवार, विपिन कुमार, कृपाल मौर्य, रामकुमार, उमाकांत, नरेन्द्र एडवोकेट, हरिओम, सुखपाल, कमलेश पटेल, भावनदास, परमेश्वरी दयाल, श्रीकृष्ण, वीरसहाय, मुरारीलाल, प्रिंस पटेल, पातीराम, सियाराम, लीलाधर, जानकी प्रसाद और किसान नेता देवस्वरूप पटेल सहित तमाम सेवादार व्यवस्थाओं में विशेष रूप से डटे रहे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *