प्रयागराज। तीर्थराज प्रयागराज में गंगा और यमुना नदियों के जलस्तर में लगातार हो रही बढ़ोतरी ने प्रशासन और तटीय इलाकों में रहने वाले लोगों की चिंता बढ़ा दी है। दोनों पवित्र नदियों का पानी तेजी से रिहाइशी और निचले इलाकों की तरफ बढ़ रहा है। जलस्तर बढ़ने के कारण प्रसिद्ध त्रिवेणी संगम की ओर जाने वाली मुख्य सड़क पूरी तरह से पानी में डूब चुकी है, जिसके बाद सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए जा रहे हैं।
खतरे के निशान की तरफ बढ़ रहीं नदियां, देखें ताजा आंकड़े
केंद्रीय जल आयोग और बाढ़ नियंत्रण कक्ष से प्राप्त ताजा आंकड़ों के अनुसार, नदियों का जलस्तर तेजी से चेतावनी बिंदु को पार करने की ओर अग्रसर है:
- नैनी (यमुना नदी): यहाँ यमुना का जलस्तर 80.59 मीटर तक पहुंच गया है।
- फाफामऊ (गंगा नदी): यहाँ गंगा का जलस्तर 80.87 मीटर दर्ज किया गया है।
- छतनाग (गंगा नदी): यहाँ जलस्तर 80.17 मीटर पर पहुंच चुका है।
आपको बता दें कि प्रयागराज में नदियों के लिए खतरे का निशान 84.734 मीटर निर्धारित है। हालांकि अभी पानी खतरे के निशान से नीचे है, लेकिन जिस रफ्तार से जलस्तर बढ़ रहा है, उसे देखते हुए जिला प्रशासन ने पहले ही अलर्ट मोड पर काम शुरू कर दिया है।
निचले और तटीय इलाकों में अलर्ट, टीमें तैनात
जलस्तर में अचानक आई इस तेजी को देखते हुए जिला प्रशासन ने गंगा और यमुना के तटीय व निचले इलाकों में रहने वाले नागरिकों के लिए बाढ़ का अलर्ट जारी कर दिया है। प्रशासन ने लोगों से सुरक्षित स्थानों पर जाने और नदी के किनारों से दूर रहने की अपील की है। बाढ़ की किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए जल पुलिस, एनडीआरएफ (NDRF) और एसडीआरएफ (SDRF) की टीमों को मुस्तैद रहने के निर्देश दिए गए हैं।