प्रतापगढ़। उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ जिला कारागार में एक बंदी की जलकर हुई संदिग्ध मौत के मामले में पुलिस महानिदेशक (कारागार) ने बड़ी कार्रवाई की है। ड्यूटी में लापरवाही बरतने और बंदियों की निगरानी में चूक के आरोप में डिप्टी जेलर समेत तीन जेल कर्मियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।
ये हुए निलंबित:
जांच रिपोर्ट के आधार पर डिप्टी जेलर ध्रुव नारायण को निलंबित कर दिया गया है। उनके साथ ही मुख्य बंदी रक्षक अखिलेश सिंह और चोंहर प्रसाद पर भी निलंबन की गाज गिरी है। इन तीनों पर बंदी की सुरक्षा और निगरानी में घोर लापरवाही बरतने का आरोप है।
जांच में ‘आत्महत्या’ की पुष्टि:
गौरतलब है कि पिछले दिनों जिला कारागार में एक बंदी की जलकर मौत हो गई थी, जिसके बाद जेल प्रशासन में हड़कंप मच गया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए डीआईजी जेल (DIG Jail) को जांच सौंपी गई थी। डीआईजी की विस्तृत जांच रिपोर्ट में सामने आया है कि बंदी ने आत्महत्या की थी। हालांकि, जांच में यह भी स्पष्ट हुआ कि यदि ड्यूटी पर तैनात कर्मचारी मुस्तैद होते, तो इस घटना को रोका जा सकता था।
महानिदेशक कारागार का कड़ा संदेश:
पुलिस महानिदेशक कारागार ने इस कार्रवाई के माध्यम से सभी जेल अधिकारियों को कड़ा संदेश दिया है कि सुरक्षा व्यवस्था और बंदियों की निगरानी में किसी भी प्रकार की शिथिलता स्वीकार नहीं की जाएगी। इस घटना के बाद जेल के भीतर सुरक्षा प्रोटोकॉल को और कड़ा करने के निर्देश दिए गए हैं।
(आधुनिक दुनिया को सभी स्थानों पर संवाददाताओं की आवश्यकता है। इच्छुक संपर्क करें- 8923815100 व्हाट्अप पर अपना नाम, स्थान, यदि कोई अनुभव है तो उसकी जानकारी और कहां से संवाददाता बनना चाहते हैं उस स्थान का नाम लिखें संपर्क करें। यदि आप पत्रकारिता सीखने के इच्छुक हैं, तो भी संपर्क कर सकते हैं।)