पीलीभीत। राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (आरबीएसके) आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के गंभीर बीमारियों से पीड़ित बच्चों के लिए एक नई उम्मीद बनकर सामने आया है। योजना के तहत पीलीभीत की 18 माह की मासूम बच्ची राधिका, जो जन्मजात हृदय रोग से पीड़ित थी, को निःशुल्क और सफल इलाज की राह मिली है।
ब्लॉक बरखेड़ा के ग्राम गाजीपुर कुंडा निवासी अमर सिंह की 18 माह की बेटी राधिका जन्म से ही हृदय रोग से ग्रस्त थी। परिवार की कमजोर आर्थिक स्थिति के कारण इलाज का भारी-भरकम खर्च उठा पाना असंभव सा लग रहा था। इसी दौरान आरबीएसके की टीम ने आंगनबाड़ी केंद्र में नियमित स्वास्थ्य परीक्षण के दौरान बच्ची की बीमारी की पहचान की।
टीम ने परिजनों को बीमारी की गंभीरता और निःशुल्क सरकारी इलाज की प्रक्रिया समझाकर बच्ची को जे.एन. मेडिकल कॉलेज, अलीगढ़ संदर्भित किया, जहाँ विशेषज्ञों ने सफल सर्जरी कर बच्ची को नया जीवन प्रदान किया।
मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. बी.सी. पंत के मार्गदर्शन और डीईआईसी मैनेजर मोहम्मद जुबैर के समन्वय से यह प्रक्रिया पूरी की गई। इस सराहनीय प्रयास में आरबीएसके टीम ‘ए’ की डॉ. शाहीन जहां, डॉ. विनीता, ऑप्टोमेट्रिस्ट देवदत्त और स्टाफ नर्स रेश्मी की मुख्य भूमिका रही।
आरबीएसके योजना का उद्देश्य स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों की नियमित स्क्रीनिंग कर जन्मजात विकृतियों, बीमारियों और शारीरिक कमियों की समय रहते पहचान करना और उनका निःशुल्क इलाज सुनिश्चित करना है। राधिका का सफल उपचार यह साबित करता है कि समय पर जांच और सरकारी योजनाओं की सही जानकारी मासूमों की जान बचा सकती है।