काठमांडू। तिब्बत से अचानक आए बाढ़ के तेज बहाव ने पड़ोसी देश नेपाल में भारी तबाही मचा दी है। उत्तरी नेपाल के रसुवा जिले के तिमुरे और स्याफ्रुबेसी इलाके में फ्लैश फ्लड के बाद हालात गंभीर हो गए हैं। बाढ़ के डरावने वीडियो भी सामने आए हैं। नदी के बहाव को देखते हुए कई जिलों में हाई अलर्ट जारी किया गया है और प्रभावित इलाकों में राहत एवं बचाव अभियान तेज कर दिया गया है।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार बुधवार सुबह तिब्बत की ओर से अचानक आए पानी का तेज बहाव भोटे कोशी नदी में पहुंचा। इसके बाद पानी आगे बढ़ते हुए त्रिशूली नदी की ओर बढ़ा। अचानक बढ़े जलस्तर के कारण नदी के किनारे बसे इलाकों में लोगों के बीच दहशत फैल गई।
तिमुरे और स्याफ्रुबेसी में भारी नुकसान
बताया जा रहा है कि उत्तरी रसुवा में बाढ़ से बड़े पैमाने पर नुकसान हुआ है। तिमुरे बाजार, तिमुरे कस्टम ऑफिस और स्याफ्रुबेसी क्षेत्र विशेष रूप से प्रभावित बताए जा रहे हैं। स्थानीय प्रशासन की ओर से जान-माल और बुनियादी ढांचे को हुए नुकसान का आकलन किया जा रहा है।
अचानक आए बाढ़ के पानी को लेकर हाइड्रोलॉजी विशेषज्ञों ने आशंका जताई है कि इसका कारण स्थानीय बारिश के बजाय तिब्बत में ग्लेशियल लेक आउटबर्स्ट फ्लड (GLOF) यानी ग्लेशियर झील के अचानक फटने की घटना हो सकती है। हालांकि घटना के वास्तविक स्रोत की पुष्टि के लिए जांच की जा रही है।
सैटेलाइट डेटा से स्रोत का पता लगाने की कोशिश
हाइड्रोलॉजी एवं मौसम विज्ञान विभाग स्थानीय प्रशासन के साथ समन्वय कर चीनी अधिकारियों के संपर्क में है। अधिकारियों द्वारा सैटेलाइट डेटा की मदद से अचानक आए बाढ़ के पानी के स्रोत का पता लगाने की कोशिश की जा रही है।
5 जिलों में हाई अलर्ट
बाढ़ के संभावित प्रभाव को देखते हुए रसुवा, नुवाकोट, धाडिंग, गोरखा और चितवन में नदी किनारे रहने वाले लोगों के लिए हाई-रिस्क एडवाइजरी जारी की गई है। प्रशासन ने लोगों से नदी और निचले इलाकों से दूर रहने तथा स्थिति बिगड़ने पर तत्काल सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की है।
नेपाल के आपदा प्रबंधन अधिकारियों के अनुसार पानी का स्तर आगे बढ़ने की आशंका है। प्रशासन प्रभावित क्षेत्रों में लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है और लोगों को आवश्यक सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है।
राहत और बचाव अभियान तेज
बाढ़ के कारण प्रभावित इलाकों में फंसे लोगों को सुरक्षित निकालने के लिए राहत एवं बचाव अभियान चलाया जा रहा है। सुरक्षा एवं बचाव एजेंसियों की टीमें प्रभावित क्षेत्रों में तैनात हैं और जरूरत के अनुसार लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है।
नोट: बाढ़ के कारण हुए नुकसान और संभावित GLOF की पुष्टि से संबंधित आंकड़े अभी प्रारंभिक हैं। स्थिति और प्रशासनिक जांच के बाद नुकसान की वास्तविक तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी।