पीलीभीत। तराई और कुमाऊं क्षेत्र के निवासियों के लिए एक बड़ी खुशखबरी सामने आ रही है। टनकपुर से आनंद विहार (दिल्ली) के बीच प्रस्तावित बहुप्रतीक्षित वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन को जल्द ही हरी झंडी मिलने की संभावना बढ़ गई है। स्थानीय रेल प्रशासन के माध्यम से ज्ञात हुआ है कि दिल्ली से आई विशेष टेक्निकल टीम ने टनकपुर रेलवे स्टेशन से पीलीभीत तक का दूसरा विस्तृत ग्राउंड सर्वे और तकनीकी जांच कार्य सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है। यदि सब कुछ योजना के अनुसार रहा, तो पीलीभीत और आसपास के तराई क्षेत्र को देश की सबसे आधुनिक और प्रीमियम ट्रेन की सौगात जल्द ही मिल जाएगी।
इस परियोजना को धरातल पर लाने के लिए उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रेल विभाग से विशेष प्रयास और पत्राचार किया था। इसके साथ ही पीलीभीत शहर के सामाजिक कार्यकर्ता शिवम कश्यप एडवोकेट ने भी वर्ष 2025 से उत्तराखंड के मुख्यमंत्री और रेल मंत्री को पत्र, ईमेल तथा सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ के माध्यम से इस मांग को प्रमुखता से उठाया था। इन निरंतर प्रयासों के उपरांत रेल मंत्रालय ने ग्राउंड रिपोर्ट तैयार करने और सर्वे कार्य को गति देने का निर्णय लिया।
प्रस्तावित योजना के तहत यह वंदे भारत ट्रेन टनकपुर से चलकर पीलीभीत रेलवे स्टेशन पर रुकेगी, जिससे इस जनपद का जुड़ाव सीधे देश की राजधानी दिल्ली से हो जाएगा। इससे यात्रा का समय काफी कम होगा और यात्रियों को अत्याधुनिक सुविधाएं मिलेंगी। यह कनेक्टिविटी न केवल संपूर्ण तराई और कुमाऊं क्षेत्र के लिए एक बड़ी आर्थिक व सामाजिक उपलब्धि साबित होगी, बल्कि पीलीभीत टाइगर रिजर्व आने वाले पर्यटकों के लिए भी आवागमन बेहद आसान और सुलभ बना देगी। वर्तमान में टेक्निकल टीम की ग्राउंड रिपोर्ट के आधार पर अंतिम प्रशासनिक मंजूरी का इंतजार है।