चमोली। उत्तराखंड के जनपद चमोली अंतर्गत स्थानीय पुलिस ने सरकारी और निजी बुनियादी ढांचा क्षेत्रों में होने वाली चोरियों के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया है। चमोली थाना पुलिस की विधिक टीम ने त्वरित और तकनीकी जांच का परिचय देते हुए ग्राम लासी में स्थित सोलर पावर प्लांट से चोरी हुए लाखों रुपये मूल्य के इन्वर्टर को सकुशल बरामद करने में बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने इस आपराधिक कृत्य में लिप्त मुख्य अभियुक्त को विधिक रूप से गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई से क्षेत्र में हो रही चोरी की घटनाओं पर अंकुश लगने की उम्मीद जताई जा रही है।
साढ़े तीन लाख का इन्वर्टर हुआ था चोरी, पुलिस ने २४ घंटे में किया अनावरण
प्राप्त प्रामाणिक और विधिक जानकारी के अनुसार, चमोली के ग्राम लासी में स्थापित सोलर प्लांट से विगत दिनों अज्ञात चोरों द्वारा प्लांट के मुख्य पावर बैकअप सिस्टम से करीब ₹3.50 लाख (साढ़े तीन लाख रुपये) की बाजार मूल्य का कीमती विधिक इन्वर्टर चोरी कर लिया गया था। सोलर प्लांट प्रबंधन द्वारा घटना के संबंध में स्थानीय थाने में एक लिखित तहरीर देकर मुकदमा पंजीकृत कराया गया था। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक चमोली के विधिक निर्देश पर स्थानीय पुलिस और सर्विलांस सेल की एक संयुक्त टीम का गठन किया गया, जिसने मौके पर पहुंचकर साक्ष्य संकलन शुरू किया।
विधिक धाराओं के तहत भेजा गया जेल, सुरक्षा व्यवस्था को लेकर निर्देश जारी
जांच टीम ने सोलर प्लांट और उसके आसपास के संपर्क मार्गों पर लगे तकनीकी इनपुट्स और मुखबिर तंत्र को सक्रिय किया। गहन तफ्तीश और विधिक दबिश के बाद पुलिस ने संदिग्ध आरोपी को घेराबंदी कर हिरासत में ले लिया। कड़ाई से की गई पूछताछ के बाद आरोपी की निशानदेही पर चोरी किया गया शत-प्रतिशत माल (इन्वर्टर) बरामद कर सीज कर दिया गया। चमोली पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की चोरी और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुँचाने की सुसंगत धाराओं के तहत विधिक कार्रवाई पूर्ण करते हुए उसे माननीय न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया, जहां से उसे न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया है। पुलिस प्रशासन ने क्षेत्र के अन्य सौर ऊर्जा प्लांटों को भी अपनी आंतरिक सुरक्षा और सीसीटीवी कैमरों की विधिक निगरानी बढ़ाने के निर्देश जारी किए हैं।