रुद्रपुर/किच्छा। उत्तराखंड में भ्रष्टाचार के खिलाफ जारी अभियान के तहत विजिलेंस (सतर्कता अधिष्ठान) की टीम ने आज एक बड़ी कामयाबी हासिल की है। टीम ने उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग के किच्छा कार्यालय में छापा मारकर ज्येष्ठ उद्यान निरीक्षक बादल पाण्डे को 12,000 रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। इस कार्रवाई से पूरे विभाग में हड़कंप मच गया है।
क्या है पूरा मामला?
एक लकड़ी ठेकेदार ने विजिलेंस के टोल-फ्री नंबर 1064 पर शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायतकर्ता ने बताया कि उसने ग्राम गऊघाट में किसानों से आम के 26 निजी पेड़ खरीदे थे। नियमानुसार इन पेड़ों को काटने की अनुमति के लिए आवेदन किया गया था, जिसका मौका मुआयना विभाग द्वारा किया जा चुका था। आरोप है कि ज्येष्ठ उद्यान निरीक्षक बादल पाण्डे ने 16 पेड़ों को कटवाने की अनुमति देने के बदले 12,000 रुपये की रिश्वत की मांग की थी।
विजिलेंस का बिछाया जाल और गिरफ्तारी
शिकायत की पुष्टि होने के बाद पुलिस अधीक्षक (विजिलेंस) ने एक ट्रैप टीम का गठन किया। गुरुवार को जैसे ही ठेकेदार ने किच्छा स्थित कार्यालय में आरोपी बादल पाण्डे को रिश्वत की रकम सौंपी, पहले से घात लगाए बैठी विजिलेंस टीम ने उसे दबोच लिया। आरोपी मूल रूप से हल्द्वानी के शक्ति विहार तल्ली का रहने वाला है।
निदेशक सतर्कता ने की इनाम की घोषणा
विजिलेंस के निदेशक डॉ. वी. मुरुगेशन ने इस सफल कार्रवाई के लिए ट्रैप टीम को नकद पुरस्कार देने की घोषणा की है। आरोपी को गिरफ्तार कर अग्रिम पूछताछ और कार्यवाही के लिए हल्द्वानी लाया गया है।
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