कानपुर: देश भर में फैले ऑनलाइन ठगी के मकड़जाल के खिलाफ कानपुर पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। शहर की बेकनगंज थाना पुलिस ने एक ऐसे शातिर अंतरराज्यीय साइबर फ्रॉड गिरोह का पर्दाफाश किया है, जो सीधे-साधे लोगों के नाम पर बैंक खाते खुलवाकर उनमें ठगी की रकम को खपाता था। पुलिस ने गैंग के मुख्य सरगना जावेद समेत कुल 6 अभियुक्तों को गिरफ्तार कर लिया है।
गरीबों की मजबूरी का फायदा उठाकर बनाते थे ‘म्यूल अकाउंट’
पुलिस पूछताछ में इस गिरोह के काम करने का बेहद चौंकाने वाला तरीका (Modus Operandi) सामने आया है:
- पैसों का लालच: यह गैंग आर्थिक रूप से कमजोर और सीधे-साधे लोगों को चिन्हित करता था। उन्हें 5,000 से 10,000 रुपये का तत्काल लालच देकर अलग-अलग बैंकों में उनके नाम से खाते खुलवाए जाते थे।
- दस्तावेजों पर कब्जा: खाता खुलते ही ये शातिर ठग संबंधित व्यक्ति की पासबुक, चेकबुक, एटीएम (ATM) कार्ड और बैंक खाते से लिंक कराया गया नया मोबाइल सिम कार्ड जबरन अपने पास रख लेते थे।
- साइबर क्राइम में इस्तेमाल: असली खाताधारक को भनक भी नहीं होती थी और आरोपी इन खातों व सिम कार्ड का इस्तेमाल देश भर में ‘डिजिटल अरेस्ट’, ‘लॉटरी’ और ‘वर्क फ्रॉम होम टास्क’ के नाम पर ठगे गए करोड़ों रुपये मंगाने और उन्हें ठिकाने लगाने के लिए करते थे।
बेकनगंज पुलिस की सटीक घेराबंदी
थाना बेकनगंज पुलिस को पिछले कुछ समय से शहर में फर्जी बैंक खातों के सक्रिय होने की सूचना मिल रही थी। मुखबिर की सटीक सूचना पर पुलिस टीम ने छापेमारी कर मास्टरमाइंड जावेद और उसके 5 अन्य साथियों को रंगे हाथ दबोच लिया। पुलिस ने इनके कब्जे से भारी मात्रा में एक्टिवेटेड सिम कार्ड, कई मोबाइल फोन, विभिन्न बैंकों के एटीएम कार्ड, चेकबुक और पासबुक बरामद की हैं।
बैंक खातों के ट्रांजैक्शन खंगाल रही पुलिस
कानपुर के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, गिरफ्तार किए गए आरोपियों से कड़ाई से पूछताछ की जा रही है। पुलिस इन बरामद खातों में हाल ही में हुए लाखों-करोड़ों रुपये के वित्तीय लेनदेन (Financial Transactions) की कड़ियों को जोड़ रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि देश के किन-किन राज्यों में इन खातों के जरिए लोगों को ठगा गया है। गिरोह के अन्य मददगारों और कुछ संदिग्ध बैंक कर्मचारियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।