पीलीभीत: राम लुभाही साहनी राजकीय महिला स्नातकोत्तर महाविद्यालय की राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) इकाई द्वारा आयोजित सात दिवसीय विशेष शिविर के पांचवें दिन बुधवार को ‘रोजगार एवं कौशल विकास’ और ‘वन्यजीव भ्रमण’ कार्यक्रमों का सफल आयोजन किया गया। इन कार्यक्रमों के माध्यम से छात्राओं को न केवल भविष्य के लिए आत्मनिर्भर बनाने के गुर सिखाए गए, बल्कि उन्हें पर्यावरण और वन्यजीव संरक्षण की महत्ता से भी रूबरू कराया गया।
शिक्षा के साथ कौशल विकास अनिवार्य: डॉ. सचिन गिहार
प्रातः सत्र में आयोजित “रोजगार एवं कौशल विकास” कार्यक्रम को संबोधित करते हुए महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. सचिन गिहार ने कहा कि वर्तमान प्रतिस्पर्धात्मक युग में केवल किताबी शिक्षा पर्याप्त नहीं है, बल्कि कौशल विकास (Skill Development) ही छात्राओं की सफलता का आधार बनेगा। उन्होंने छात्राओं को डिजिटल कौशल, हस्तशिल्प और उद्यमिता के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। वरिष्ठ प्राध्यापक डॉ. फजलुर रहमान ने भी कौशल आधारित शिक्षा को सशक्तिकरण का सबसे प्रभावी माध्यम बताया। कार्यक्रम अधिकारी डॉ. बरखा के कुशल निर्देशन में छात्राओं ने समूह चर्चा के जरिए अपनी भविष्य की योजनाओं और नवाचारों पर विस्तार से विचार साझा किए।
टाइगर रिजर्व में जानी जैव-विविधता की बारीकियां
द्वितीय सत्र में छात्राओं को पीलीभीत टाइगर रिजर्व का शैक्षिक भ्रमण कराया गया। प्रकृति की गोद में आयोजित इस सत्र के दौरान वन विभाग के अधिकारियों ने छात्राओं को जैव-विविधता, पर्यावरण संतुलन और वन्यजीवों के संरक्षण की तकनीकी जानकारी दी। टाइगर रिजर्व के प्राकृतिक आवासों का बारीकी से अवलोकन करने के बाद स्वयंसेविकाओं ने पर्यावरण को स्वच्छ रखने और वन्यजीवों की रक्षा करने की सामूहिक शपथ ली। यह आयोजन छात्राओं के सर्वांगीण विकास की दिशा में एक प्रभावी कदम साबित हुआ।
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