सितारगंज (शक्तिफार्म)। शक्तिफार्म क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम निर्मलनगर और राजनगर के पीछे बहने वाली बैगुल नदी में अवैध मिट्टी खनन का काला कारोबार थमने का नाम नहीं ले रहा है। शासन-प्रशासन की सख्ती के दावों के बावजूद खनन माफिया दिन-रात नदी के अस्तित्व से खिलवाड़ कर रहे हैं, जिससे न केवल राजस्व की भारी हानि हो रही है, बल्कि पर्यावरण पर भी गंभीर खतरा मंडरा रहा है।

सालों भर चलता है अवैध खेल:
स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार, बरसात के दो महीनों को छोड़ दिया जाए, तो साल के बाकी सभी महीनों में माफिया 15-20 ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के साथ नदी से बेखौफ होकर अवैध मिट्टी निकाल रहे हैं। इस बेतरतीब खुदाई के कारण नदी हर साल अपना रुख बदल लेती है, जिसके परिणामस्वरूप बरसात के दिनों में किसानों की हजारों एकड़ उपजाऊ भूमि जलमग्न होकर नदी में समा जाती है।

राजस्व विभाग की कार्रवाई:
अवैध खनन की लगातार मिल रही शिकायतों के बाद रविवार को राजस्व विभाग की टीम ने निर्मलनगर स्थित बैगुल नदी के तट पर औचक निरीक्षण किया। टीम को मौके पर भारी मात्रा में अवैध मिट्टी खनन के स्पष्ट साक्ष्य और गहरे गड्ढे मिले।

पटवारी रमेश सिंह ने बताया कि प्रभावित क्षेत्र की पैमाइश की जा रही है और विस्तृत रिपोर्ट तैयार की जा रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस रिपोर्ट को जल्द ही उच्च अधिकारियों को भेजा जाएगा, जिसके आधार पर दोषियों के खिलाफ कठोर दंडात्मक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।


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