सितारगंज। पहाड़ों में लगातार हो रही भारी बारिश के चलते कैलाश और बैगुल नदियां उफान पर हैं। मंगलवार रात दोनों नदियों के तेज बहाव ने सितारगंज क्षेत्र में जमकर तबाही मचाई। कैलाश नदी का बहाव बदलने से बिज्टी-मझोला स्टेट हाईवे का करीब 20 मीटर हिस्सा धंसकर नदी में समा गया, जबकि शक्तिफार्म के सुरेंद्रनगर में बैगुल नदी के कटाव की चपेट में आने से एक घर नदी में समा गया। कई स्थानों पर नदी के कटाव से खेत भी प्रभावित हुए हैं। प्रशासन और पुलिस की टीमों ने प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाकर राहत एवं बचाव कार्य चलाया।
कैलाश नदी ने काट दिया स्टेट हाईवे
मंगलवार रात करीब साढ़े दस बजे कैलाश नदी के तेज बहाव ने बिज्टी-मझोला मार्ग स्थित कैलाश पुलिया के एप्रोच मार्ग को अपनी चपेट में ले लिया। बताया गया कि नदी के बहाव का रुख बदलने से पानी खेतों को काटता हुआ स्टेट हाईवे तक पहुंच गया। तेज बहाव के कारण सड़क के नीचे की मिट्टी कट गई और हाईवे का करीब 20 मीटर हिस्सा धंसकर नदी में समा गया।
ग्रामीणों की सूचना पर पुलिस टीम मौके पर पहुंची। दुर्घटना की आशंका को देखते हुए मार्ग पर बैरियर लगाकर वाहनों की आवाजाही रोक दी गई। इसके बाद वाहनों को खेमपुर-मटिया मार्ग से डायवर्ट किया गया।
लोक निर्माण विभाग की टीम ने रातभर मौके पर रहकर क्षतिग्रस्त एप्रोच मार्ग को दुरुस्त करने का काम किया। कर्मचारियों ने पत्थर और अन्य सामग्री डालकर सड़क को अस्थायी रूप से सुरक्षित बनाया। बुधवार सुबह मार्ग को वाहनों की आवाजाही के लिए फिर खोल दिया गया।
अपर सहायक अभियंता सत्यपाल सिंह ने बताया कि कैलाश नदी ने बहाव का रुख बदल लिया था और खेतों को काटते हुए पानी स्टेट हाईवे तक पहुंच गया। तेज बहाव ने पुल के एप्रोच मार्ग को अंदर से खोखला कर दिया, जिससे हाईवे का करीब 20 मीटर हिस्सा धंस गया। विभागीय कर्मचारियों ने रातभर काम कर सड़क को आवागमन योग्य बनाया।
बैगुल नदी के कटाव में एक घर समाया
शक्तिफार्म के गांव सुरेंद्रनगर में भी बैगुल नदी का जलस्तर बढ़ने और तेज कटाव के कारण हालात गंभीर हो गए। गांव के पीछे बह रही नदी के तेज बहाव ने आसपास की सैकड़ों एकड़ कृषि भूमि को अपनी चपेट में ले लिया। कटाव बढ़ने के कारण एक घर भी नदी में समा गया।
सूचना मिलने पर प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची और प्रभावित परिवार को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया। घर नदी में समाने के बाद परिवार के सामने रहने और भविष्य की चिंता खड़ी हो गई है।
जलस्तर कम होने पर घर लौटे प्रभावित परिवार
मंगलवार को बैगुल नदी का जलस्तर बढ़ने के कारण नकहा और नयागांव के प्रभावित परिवारों को प्रशासन ने सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया था। बुधवार को जलस्तर में कमी आने के बाद राहत शिविरों में ठहरे कुछ परिवार अपने घरों की ओर लौट गए।
पीड़ित कुलदीप ने बताया कि बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए उन्हें रिश्तेदारों के यहां भेज दिया गया है। वह परिवार के अन्य सदस्यों के साथ घर लौटकर नुकसान का जायजा लेने और घर को दोबारा व्यवस्थित करने में जुटे हैं।
पहले भी बदल चुका है कैलाश नदी का बहाव
ओबीसी आयोग के सदस्य हरजिंदर सिंह खालसा ने बताया कि कैलाश नदी के बहाव का रुख बदलने के कारण कैलाश पुल का एप्रोच मार्ग क्षतिग्रस्त हुआ है। उन्होंने कहा कि इससे पहले भी नदी के बहाव में बदलाव के कारण स्टेट हाईवे को नुकसान पहुंच चुका है। ऐसे में नदी के कटाव और बहाव को नियंत्रित करने के लिए स्थायी सुरक्षा कार्य किए जाने की जरूरत है।
प्रशासन अलर्ट, प्रभावित क्षेत्रों पर नजर
तहसीलदार हिमांशु जोशी ने बताया कि प्रशासन की टीमें लगातार प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर रही हैं। नदी किनारे रहने वाले परिवारों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी जा रही है और जरूरत पड़ने पर उन्हें तत्काल सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि जलस्तर कम होने के बाद नकहा और नयागांव के राहत शिविरों में ठहराए गए कुछ परिवार अपने घर लौट गए हैं, लेकिन प्रशासन स्थिति पर लगातार निगरानी बनाए हुए है। उन्होंने लोगों से नदी किनारे और तेज बहाव वाले क्षेत्रों में अनावश्यक रूप से नहीं जाने तथा किसी भी आपात स्थिति में तत्काल प्रशासन को सूचना देने की अपील की।
रातभर चली सड़क बचाने की जंग
कैलाश नदी के तेज बहाव से स्टेट हाईवे का हिस्सा धंसने के बाद लोक निर्माण विभाग के सामने रातोंरात सड़क को बचाने की चुनौती खड़ी हो गई। विभागीय कर्मचारियों ने रातभर पत्थर और अन्य सामग्री डालकर क्षतिग्रस्त हिस्से को भरने का काम किया। कई घंटे की मशक्कत के बाद बुधवार सुबह सड़क को वाहनों की आवाजाही के लिए सुरक्षित बनाया जा सका।