सितारगंज (ऊधम सिंह नगर): महिलाओं में तेजी से बढ़ रहे सर्वाइकल कैंसर (गर्भाशय ग्रीवा के कैंसर) की रोकथाम के लिए उप जिला अस्पताल सितारगंज ने एक बड़ी स्वास्थ्य मुहिम शुरू की है [amritvichar.com]। अस्पताल परिसर में आयोजित एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक में मुख्य चिकित्सा अधीक्षक (CMS) डॉ. कुलदीप सिंह यादव ने स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं को मैदानी स्तर पर उतरने के निर्देश दिए। बैठक में उपस्थित सभी आशा कार्यकर्ताओं और आशा फैसिलिटेटरों को अपने-अपने क्षेत्रों में 14 वर्ष की आयु की बालिकाओं की पहचान कर उनका शत-प्रतिशत एचपीवी (HPV) टीकाकरण कराने और आम जनता को जागरूक करने का कड़ा जिम्मा सौंपा गया है।

95% सर्वाइकल कैंसर के लिए जिम्मेदार है यह वायरस
बैठक के दौरान सीएमएस डॉ. कुलदीप सिंह यादव ने इस जानलेवा बीमारी के वैज्ञानिक तथ्यों को साझा करते हुए बताया कि एचपीवी (ह्यूमन पैपिलोमावायरस) एक अत्यंत सामान्य और अदृश्य वायरस है। यह मुख्य रूप से त्वचा से त्वचा के संपर्क के माध्यम से फैलता है और महिलाओं में सर्वाइकल कैंसर का सबसे बड़ा कारण है। वैश्विक आंकड़ों के अनुसार, लगभग 95 प्रतिशत सर्वाइकल कैंसर के मामलों में इसी एचपीवी संक्रमण की भूमिका पाई गई है। डॉ. यादव ने आगाह किया कि यह संक्रमण शुरुआती अवस्था में कोई स्पष्ट लक्षण नहीं देता, लेकिन लंबे समय तक शरीर में बने रहने पर यह गर्भाशय ग्रीवा की कोशिकाओं को असामान्य रूप से बदलकर कैंसर का रूप दे देता है। ऐसे में सही उम्र (14 वर्ष) में टीकाकरण ही बेटियों को इस गंभीर बीमारी से बचाने का एकमात्र और सबसे प्रभावी उपाय है।

अस्पताल में सप्ताह के तीन दिन लगेगा टीका
अस्पताल प्रबंधन ने आम जनता और अभिभावकों की सुविधा के लिए टीकाकरण के दिन निर्धारित कर दिए हैं। उप जिला अस्पताल सितारगंज में प्रत्येक मंगलवार, बृहस्पतिवार और शुक्रवार को बालिकाओं के लिए मुफ्त एचपीवी टीकाकरण (HPV Vaccination) की विशेष सुविधा उपलब्ध रहेगी।

आशा कार्यकर्ताओं को घर-घर जाने का मिला टास्क
इस महा-अभियान को ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में जमीनी स्तर पर सफल बनाने के लिए आशा बहुओं को विशेष गाइडलाइंस जारी की गई हैं:

  • सर्वे और लिस्टिंग: आशा कार्यकर्ता अपने-अपने कार्यक्षेत्र में रहने वाली 14 साल की सभी बालिकाओं का विस्तृत सर्वे कर उनकी एक सूची तैयार करेंगी।
  • अभिभावकों की काउंसलिंग: घर-घर जाकर बालिकाओं के माता-पिता से व्यक्तिगत संपर्क किया जाएगा और उन्हें इस वैक्सीन के फायदों के बारे में वैज्ञानिक तथ्यों के साथ समझाया जाएगा।
  • भ्रांतियों और डर का खात्मा: वैक्सीन को लेकर ग्रामीण क्षेत्रों में फैले किसी भी तरह के डर या अफवाह को दूर करने के लिए स्कूलों, आंगनवाड़ी केंद्रों और सामुदायिक स्थलों पर विशेष जागरूकता बैठकें आयोजित की जाएंगी।

अस्पताल प्रशासन ने क्षेत्रवासियों से अपील की है कि वे अपनी 14 वर्ष की बेटियों को इस जानलेवा कैंसर से सुरक्षित रखने के लिए आगे आएं और अस्पताल पहुंचकर समय पर एचपीवी का टीका अवश्य लगवाएं।

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