विधि संवाददाता, ​पीलीभीत। विशेष न्यायाधीश (गैंगस्टर एक्ट) होता सिंह की अदालत ने एक शातिर अपराधी को दोषी करार देते हुए सजा सुनाई है। न्यायालय ने आरोपी गुलाब बंजारा को दो वर्ष दो माह के कठोर कारावास और पांच हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है। यह मामला वर्ष 2012 का है, जिसमें पुलिस ने एक संगठित गिरोह के विरुद्ध कार्रवाई करते हुए आरोप पत्र दाखिल किया था। अभियोजन पक्ष की ओर से विशेष लोक अभियोजक अमित कुमार शुक्ल ने प्रभावी पैरवी की।
​अभियोजन के कथानक के अनुसार, 13 अगस्त 2012 को थाना कोतवाली के तत्कालीन एसएचओ सुदेश कुमार पुलिस टीम के साथ क्षेत्र में शांति व्यवस्था और वांछित अपराधियों की तलाश में थे। इसी दौरान सूचना मिली कि खानू उर्फ चिकनू, ताज खां, वकेश उर्फ मुर्गी, गुलाब बंजारा, अकिल उर्फ कालिमा, शादाब और सागर उर्फ रामसागर का एक संगठित गिरोह सक्रिय है। यह गिरोह नाजायज तरीके से आर्थिक लाभ कमाने के उद्देश्य से आतंक के बल पर अपराध करता था, जिसका खौफ जनपद और आसपास के इलाकों में व्याप्त था।
​पुलिस ने मामले की विवेचना के बाद न्यायालय में आरोप पत्र पेश किया। मामले की सुनवाई के दौरान बरखेड़ा थाना क्षेत्र के अमरिया निवासी आरोपी गुलाब बंजारा ने अपनी पत्रावली अन्य आरोपियों से अलग कर सुनवाई करने का प्रार्थना पत्र दिया था। न्यायालय ने प्रार्थना पत्र स्वीकार कर अलग से सुनवाई शुरू की, जिसके अंत में साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर गुलाब बंजारा को दोषी पाया गया। अदालत ने स्पष्ट किया कि समाज में भय व्याप्त करने वाले अपराधियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई आवश्यक है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *