रुद्रपुर (ऊधमसिंह नगर)। निजी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों के अभिभावकों पर महंगाई की एक और मार पड़ी है। राज्य परिवहन प्राधिकरण (STA) द्वारा स्कूल बस और वैन के मासिक शुल्क में की गई भारी बढ़ोतरी के खिलाफ आज दर्जनों अभिभावकों ने मोर्चा खोल दिया। भाजपा नेता सुशील गाबा और जगदीश तनेजा के नेतृत्व में अभिभावकों ने परिवहन कार्यालय पहुँचकर इस जनविरोधी फैसले को वापस लेने की मांग की।

₹2200 से ₹3700 तक पहुंचा किराया, मध्यमवर्ग की टूटी कमर

परिवहन आयुक्त को संबोधित ज्ञापन में अभिभावकों ने कहा कि 25 मार्च 2026 को हुई बैठक में स्कूल परिवहन शुल्क की दरें ₹2200 से बढ़ाकर ₹3700 प्रति माह तक कर दी गई हैं। पहले से ही महंगी किताबें, स्कूल ड्रेस और ट्यूशन फीस के बोझ तले दबे गरीब एवं मध्यमवर्गीय परिवारों के लिए यह वृद्धि किसी बड़े झटके से कम नहीं है। अभिभावकों का डर है कि एसटीए के इस आदेश की आड़ में निजी स्कूल एसोसिएशन अब मनमाने ढंग से वसूली शुरू कर देंगे।

जनहित में आदेश वापसी की मांग, वरना होगा ‘चक्का जाम’

ज्ञापन सौंपने वालों में शामिल समाजसेवियों और अभिभावकों ने स्पष्ट किया कि यदि इन बढ़ी हुई दरों को तत्काल वापस नहीं लिया गया, तो वे सड़कों पर उतरने को मजबूर होंगे। उन्होंने कहा कि शिक्षा व्यवस्था को व्यापार बनाना बंद किया जाए। ज्ञापन देने वालों में मुख्य रूप से सुरेश गौरी, जावेद अख्तर, सचिन मुंजाल, सुरेंद्र गाबा और अन्य गणमान्य लोग शामिल रहे।

(आधुनिक दुनिया को सभी स्थानों पर संवाददाताओं की आवश्यकता है। इच्छुक संपर्क करें- 8923815100 व्हाट्अप पर अपना नाम, स्थान, यदि कोई अनुभव है तो उसकी जानकारी और कहां से संवाददाता बनना चाहते हैं उस स्थान का नाम लिखें संपर्क करें। यदि आप पत्रकारिता सीखने के इच्छुक हैं, तो भी संपर्क कर सकते हैं।)

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *