रुद्रपुर। उत्तराखंड के ऊधमसिंह नगर जिले के रुद्रपुर शहर से एक चौंकाने वाला और बेहद गंभीर मामला सामने आया है। यहाँ एक मंदिर में चोरी-छिपे 13 वर्ष की एक नाबालिग बच्ची का विवाह कराने का प्रयास किया जा रहा था। मंदिर प्रबंधन की सूझबूझ और तत्परता के कारण न सिर्फ इस बाल विवाह को रोक दिया गया, बल्कि यह भी खुलासा हुआ कि पीड़ित बच्ची 5 महीने की गर्भवती है। सूचना मिलने पर पुलिस (112) ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी है।

आधार कार्ड मांगते ही उड़े होश

पुलिस और मंदिर प्रबंधन से मिली जानकारी के अनुसार, एक युवक अपने परिवार के साथ एक नाबालिग लड़की को दुल्हन की तरह सजा-धजाकर शादी के लिए शहर के एक स्थानीय मंदिर में पहुंचा था। शादी की रस्मों के दौरान मंदिर प्रबंधन को लड़की की शारीरिक बनावट और हाव-भाव देखकर कुछ संदेह हुआ। प्रबंधन ने जब दूल्हा और दुल्हन दोनों के आधार कार्ड मांगे, तो उन्हें देखकर सबके होश उड़ गए। आधार कार्ड के मुताबिक, युवक तो बालिग था लेकिन लड़की की उम्र मात्र 13 वर्ष थी।

5 माह की गर्भवती निकली मासूम

सख्ती से पूछताछ करने पर पता चला कि लड़का और लड़की की मुलाकात स्कूल आते-जाते समय हुई थी, जो बाद में प्रेम प्रसंग में बदल गई। इस दौरान शारीरिक संबंध बनने के कारण 13 वर्षीय बालिका 5 महीने की गर्भवती हो गई। तीन दिन पहले जब लड़की के पेट में तेज दर्द हुआ, तो परिजनों ने किच्छा रोड स्थित एक अस्पताल में उसका अल्ट्रासाउंड कराया था, जिसमें उसके गर्भवती होने की पुष्टि हुई थी। लोक-लाज और बदनामी के डर से परिजन जल्दबाजी में मंदिर में शादी करा रहे थे।

112 की सूचना पर पुलिस ने की कार्रवाई

मंदिर प्रबंधन ने संजीदगी और सतर्कता दिखाते हुए तुरंत पुलिस हेल्पलाईन नंबर 112 पर कॉल करके मामले की जानकारी दी। सूचना मिलते ही पुलिस की टीम तुरंत मंदिर परिसर पहुंची। पुलिस ने बाल विवाह रुकवाकर लड़की, लड़के और उनके परिजनों को पूछताछ के लिए हिरासत में ले लिया है।

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