पीलीभीत। प्राचार्या डॉ. संगीता अनेजा के सतत प्रयासों एवं कठिन परिश्रम से स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय एवं संबद्ध चिकित्सालय, पीलीभीत की अत्याधुनिक डायलिसिस यूनिट जनपद और आसपास के क्षेत्रों के किडनी रोगियों के लिए जीवनरक्षक सुविधा के रूप में उभरकर सामने आई है। आधुनिक तकनीक, प्रशिक्षित स्वास्थ्यकर्मियों तथा संक्रमण नियंत्रण के उच्च मानकों से सुसज्जित यह यूनिट अब गंभीर किडनी रोगियों को उनके अपने जिले में ही गुणवत्तापूर्ण एवं सुरक्षित डायलिसिस उपचार उपलब्ध करा रही है। इस सुविधा के शुरू होने से पहले मरीजों को बरेली, लखनऊ या अन्य बड़े शहरों की दौड़ लगानी पड़ती थी, जिससे उन्हें भारी आर्थिक व्यय और मानसिक तनाव झेलना पड़ता था। अब स्थानीय स्तर पर यह सुविधा मिलने से मरीजों और उनके परिजनों को बड़ी राहत मिली है।
वर्तमान में इस डायलिसिस यूनिट में कुल 10 आधुनिक डायलिसिस मशीनें संचालित की जा रही हैं, जिनमें 9 मशीनें सामान्य (नेगेटिव) मरीजों तथा 1 मशीन हेपेटाइटिस-सी (HCV) पॉजिटिव मरीजों के लिए समर्पित है। अलग मशीन की व्यवस्था होने से संक्रमण नियंत्रण के मानकों का पूरी तरह पालन सुनिश्चित होता है। यूनिट में प्रतिदिन तीन शिफ्टों में डायलिसिस सेवाएं दी जाती हैं, जिसके माध्यम से रोजाना लगभग 30 मरीजों का नियमित डायलिसिस किया जा रहा है। इस स्वास्थ्य सुविधा का लाभ न केवल पीलीभीत जनपद बल्कि शाहजहाँपुर, लखीमपुर खीरी तथा आसपास के सीमावर्ती क्षेत्रों के मरीजों को भी मिल रहा है।
डायलिसिस यूनिट का सफल संचालन सेंटर मैनेजर प्रदुमन शर्मा के कुशल नेतृत्व में किया जा रहा है। वहीं, यूनिट में भर्ती मरीजों की नियमित चिकित्सकीय देखरेख डॉ. रजनीश कुमार द्वारा की जा रही है, जो प्रत्येक मरीज की आवश्यकता के अनुसार सटीक उपचार और विशेषज्ञ चिकित्सकीय परामर्श प्रदान कर रहे हैं।
इस महत्वपूर्ण उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए प्राचार्या प्रो. (डॉ.) संगीता अनेजा ने कहा कि मेडिकल कॉलेज का मुख्य लक्ष्य जनपदवासियों को उनके अपने जिले में ही उच्च गुणवत्ता वाली विशेषज्ञ स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है। उन्होंने बताया कि डायलिसिस यूनिट आधुनिक उपकरणों और संक्रमण नियंत्रण के सर्वोच्च मानकों के अनुरूप कार्य कर रही है। प्रत्येक किडनी रोगी को सुरक्षित, सुलभ और किफायती उपचार देने के लिए संस्थान पूरी तरह प्रतिबद्ध है और भविष्य में भी अस्पताल में सुपर स्पेशियलिटी सेवाओं का निरंतर विस्तार कर मरीजों को बेहतर चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई जाती रहेंगी।