पीलीभीत। उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ (शर्मा गुट) के प्रतिनिधिमंडल ने संयुक्त शिक्षा निदेशक रामाज्ञा कुमार के पीलीभीत आगमन पर उनसे शिष्टाचार भेंट की। जिला अध्यक्ष लक्ष्मीकांत शर्मा तथा प्रांतीय प्रतिनिधि सतीश चन्द गंगवार के नेतृत्व में शिक्षकों ने संयुक्त शिक्षा निदेशक को जनपद के शिक्षा विभाग में लंबे समय से लंबित पड़ी विभिन्न समस्याओं से विस्तार से अवगत कराया। इस दौरान शिक्षक नेताओं ने अपनी मांगों के समर्थन में एक ज्ञापन सौंपा, जिसके साथ गत 5 जून को जिला विद्यालय निरीक्षक (डीआईओएस) को दिए गए मांग पत्र की प्रति भी संलग्न की गई।
प्रतिनिधिमंडल ने संयुक्त शिक्षा निदेशक के समक्ष कई प्रमुख प्रशासनिक और वित्तीय विसंगतियों को रेखांकित किया। शिक्षकों की मुख्य समस्याओं में आयकर संबंधी मामलों का अब तक निस्तारण न हो पाना और फॉर्म 16 का समय पर न मिलना शामिल है। इसके साथ ही, जिन शिक्षकों को राष्ट्रीय पेंशन योजना के स्थान पर पुरानी पेंशन योजना अनुमन्य हो चुकी है, उनके एनपीएस खाते से कटौती का पैसा अब तक जीपीएफ खाते में स्थानांतरित नहीं किया जा सका है। इसके अतिरिक्त, जनपद में कार्यवाहक प्रधानाचार्यों का वेतन प्रधानाचार्य संवर्ग के क्रम में निर्धारित न होने, शिक्षणेत्तर कर्मचारियों को सुनिश्चित करियर प्रोन्नयन का लाभ न मिलने तथा महंगाई भत्ते के अवशेष का भुगतान न होने जैसी गंभीर वित्तीय समस्याओं पर भी गहरा रोष व्यक्त किया गया।
वार्ता के दौरान शिक्षक संघ ने संयुक्त शिक्षा निदेशक से अपने व्यक्तिगत अनुभव साझा करते हुए कार्यालयी व्यवस्थाओं पर भी चर्चा की। संघ के पदाधिकारियों ने बताया कि शिक्षा विभाग के स्थानीय कार्यालय में जनशक्ति (स्टाफ) की भारी कमी है, जिसके चलते रूटीन और आवश्यक कार्य लगातार बाधित हो रहे हैं। इस व्यावहारिक समस्या के समाधान के लिए उन्होंने संयुक्त शिक्षा निदेशक से विशेष आग्रह किया कि वे किसी स्थानीय राजकीय विद्यालय में कार्यरत अनुभवी सहायक को अस्थाई रूप से कार्यालय में सहयोग करने हेतु निर्देशित कर दें, ताकि लंबित कार्यों को गति मिल सके और शिक्षकों से जुड़े मामलों का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित हो सके।