​पीलीभीत। सुबह करीब 8:15 बजे शहर उस वक्त एक बड़े हादसे और उसके बाद दिखी इंसानियत का गवाह बना, जब राज्यमंत्री श्री संजय सिंह गंगवार के सहयोग कार्यालय के सामने एक दर्दनाक दुर्घटना घटी। रोज की तरह अपनी धुन में साइकिल से जा रहे मिथिलेश कुमार नाम के व्यक्ति को पीछे से आ रहे एक अज्ञात बड़े वाहन ने जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि मिथिलेश सड़क पर दूर जा गिरे और उनके सिर से तेजी से खून बहने लगा। हादसे के बाद राहगीरों की भीड़ तो जुट गई, लेकिन कोई भी आगे बढ़कर मदद करने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहा था। करीब 5-10 मिनट तक घायल मिथिलेश दर्द से तड़पते हुए वहीं सड़क पर पड़े रहे और जिंदगी और मौत के बीच जूझते रहे।
​इसी दौरान जिला टीबी अस्पताल में सुपरवाइजर के पद पर कार्यरत राजेश गंगवार अपनी रोजाना की ड्यूटी के लिए अस्पताल जा रहे थे। रास्ते में लगी भीड़ को देखकर जब वे रुके, तो सामने तड़पते हुए घायल को देखकर उनका चिकित्सीय दायित्व और मानवीय स्वभाव जाग उठा। उन्होंने बिना एक पल गंवाए तुरंत सड़क से गुजर रहे एक टमटम (ई-रिक्शा) को रुकवाया। घायल मिथिलेश को सहारा देकर टमटम में लादने के इस संवेदनशील प्रयास के बीच ही, वहां से गुजर रहे भारतीय जनता पार्टी युवा मोर्चा के जिला मंत्री प्रतीक पांडे भी मौके पर रुक गए।
​सड़क पर मूकदर्शक बनी भीड़ के बीच टीबी अस्पताल के सुपरवाइजर राजेश गंगवार और भाजयुमो जिला मंत्री प्रतीक पांडे ने मिथिलेश के लिए ‘देवदूत’ की भूमिका निभाई। दोनों ने मिलकर लहूलुहान घायल को संभाला और बिना वक्त जाया किए टमटम से सीधे जिला अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में लेकर पहुंचे। डॉक्टरों की टीम ने भी मुस्तैदी दिखाते हुए तुरंत मिथिलेश को भर्ती किया और उनका आपातकालीन इलाज शुरू कर दिया। सही समय पर अस्पताल पहुंचने और त्वरित चिकित्सा मिलने के कारण घायल की हालत अब स्थिर बनी हुई है।
​यह घटना सिखाती है कि दुर्घटना के वक्त सिर्फ तमाशा देखने या वीडियो बनाने से बेहतर है कि आगे बढ़कर किसी की जान बचाई जाए। सुपरवाइजर राजेश गंगवार और प्रतीक पांडे की इस त्वरित सूझबूझ, तत्परता और कर्तव्यनिष्ठा ने आज एक अनमोल जिंदगी को बचा लिया, जो पूरे समाज के लिए एक अनुकरणीय उदाहरण है।

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