नानकमत्ता। ऊधमसिंह नगर जिले के नानकमत्ता क्षेत्र के सिद्धानवदिया गांव में सतनाम सिंह (35) की गोली लगने से हुई मौत के मामले में पुलिस ने दो नामजद आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों की पहचान कुलदीप सिंह उर्फ बंटी और हरप्रीत सिंह उर्फ हैप्पी के रूप में हुई है। पुलिस ने कुलदीप सिंह के कब्जे से 315 बोर का तमंचा, एक खोखा कारतूस, दो जिंदा कारतूस और एक मोटरसाइकिल बरामद करने की जानकारी दी है।

घर पर पथराव और फायरिंग का आरोप
पुलिस के मुताबिक, 18 अक्टूबर 2026 को सोनू सिंह पुत्र चरनजीत सिंह निवासी ग्राम सिद्धानवदिया ने कोतवाली नानकमत्ता में तहरीर दी थी। शिकायत में छह लोगों को नामजद करते हुए आरोप लगाया गया कि वे हथियारों से लैस होकर उनके घर पहुंचे, पथराव और फायरिंग की तथा उनके भाई सतनाम सिंह को गोली मार दी। घटना के बाद सतनाम सिंह की मौत हो गई।
तहरीर के आधार पर पुलिस ने मुकदमा संख्या 239/26 दर्ज किया। पुलिस के अनुसार, मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 103(3)/3(5) के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। मामले की विवेचना प्रभारी निरीक्षक कोतवाली नानकमत्ता कर रहे हैं।

मटिहा बॉर्डर से दो गिरफ्तार
एसएसपी ऊधमसिंह नगर अजय गणपति के निर्देशन में पुलिस अधीक्षक रुद्रपुर और क्षेत्राधिकारी खटीमा के नेतृत्व में पांच पुलिस टीमों का गठन किया गया। पुलिस ने बताया कि वादी के बयान, साक्ष्य संकलन और सीसीटीवी फुटेज सहित अन्य जानकारियों के आधार पर कार्रवाई की गई।
पुलिस के अनुसार, 19 अक्टूबर 2026 को मटिहा बॉर्डर से कुलदीप सिंह उर्फ बंटी (28) और हरप्रीत सिंह उर्फ हैप्पी (23) को गिरफ्तार किया गया। पुलिस का दावा है कि कुलदीप सिंह के कब्जे से तमंचा, कारतूस और मोटरसाइकिल बरामद हुई। दोनों से पूछताछ की जा रही है।
अन्य नामजद आरोपियों की तलाश जारी
पुलिस के मुताबिक, मामले में नामजद शेष आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है। पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों के पूर्व दर्ज मामलों का भी उल्लेख किया है। हालांकि, किसी मामले में नामजद होना या मुकदमा दर्ज होना अपने आप में दोष सिद्ध होने का प्रमाण नहीं है।
कार्रवाई में नानकमत्ता कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक शंकर सिंह बिष्ट, उपनिरीक्षक राजेंद्र पंत, मनोज जोशी, संजय कुमार और नवल किशोर सहित सितारगंज व खटीमा के पुलिसकर्मी तथा ऊधमसिंह नगर एसओजी टीम शामिल रही।
मामले में विवेचना जारी है। आरोपों पर अंतिम निर्णय न्यायिक प्रक्रिया के तहत होगा।