पीलीभीत। भारत निर्वाचन आयोग के विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण (S.I.R.) अभियान के अंतर्गत जनपद पीलीभीत में निर्वाचक नामावली को पारदर्शी और त्रुटिहीन बनाने के लिए बड़े स्तर पर शुद्धिकरण की प्रक्रिया अपनाई गई है। इस अभियान के दौरान प्रशासन ने कुल 2,06,393 अपात्र मतदाताओं के नाम सूची से अपमार्जित (डिलीट) किए हैं। इसमें ए.एस.डी. श्रेणी के तहत 1,99,772 नाम हटाए गए, जबकि प्रारूप-7 और आपत्तियों के निस्तारण के दौरान अन्य नाम विलोपित हुए। आंकड़ों के विश्लेषण से स्पष्ट है कि सूची से हटाए गए मतदाताओं में पुरुषों की संख्या (1,06,242) महिलाओं (93,517) की तुलना में अधिक रही है, जिसके कारण जिले का जेंडर रेशियो 872 से घटकर 828 रह गया है।
शुद्धिकरण की इस प्रक्रिया का प्रभाव विशिष्ट श्रेणी के मतदाताओं के आंकड़ों पर भी पड़ा है। जिले में दिव्यांग मतदाताओं की संख्या में भी परिवर्तन दर्ज किया गया है; एस.आई.आर. से पूर्व जनपद में 24,522 दिव्यांग मतदाता पंजीकृत थे, जिनकी संख्या अब शुद्धिकरण के बाद 22,403 रह गई है। इसी प्रकार, 100 वर्ष से अधिक आयु वाले वरिष्ठ मतदाताओं की संख्या 180 से घटकर 155 और 18-19 आयु वर्ग के युवा मतदाताओं की संख्या 19,640 से संशोधित होकर 18,702 हो गई है। निर्वाचन अधिकारियों के अनुसार, यह गिरावट केवल मृत या स्थानांतरित मतदाताओं के नाम हटाने के कारण हुई है ताकि आगामी चुनावों में केवल वास्तविक मतदाता ही भाग ले सकें।
वर्तमान में पीलीभीत की अंतिम प्रकाशित सूची के अनुसार कुल मतदाताओं की संख्या 13,50,918 है। प्रशासनिक सुदृढ़ीकरण के लिए सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों की संख्या भी 48 से बढ़ाकर 95 कर दी गई है। इस अभियान के दौरान जहाँ नाम हटाए गए, वहीं 85,298 नए मतदाताओं को प्रारूप-6 के माध्यम से जोड़ा भी गया है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जिनका नाम किन्हीं कारणों से छूट गया है, वे अभी भी फॉर्म-06 भरकर अपना नाम जुड़वा सकते हैं। यह सूचियाँ सभी मतदान केंद्रों और तहसील कार्यालयों पर उपलब्ध हैं।
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