लखनऊ/बरेली | उत्तर प्रदेश सरकार ने बरेली के सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री के खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई करते हुए उन्हें निलंबित कर दिया है। 2016 बैच के पीसीएस अधिकारी अग्निहोत्री ने कल (गणतंत्र दिवस के अवसर पर) शासन को अपना इस्तीफा भेजकर प्रशासनिक हलकों में हलचल मचा दी थी।
निलंबन का कारण
शासन की ओर से जारी आदेश के अनुसार, अधिकारी द्वारा सेवा नियमों का उल्लंघन करने और बिना पूर्व अनुमति या उचित माध्यम के सार्वजनिक रूप से संवेदनशील मुद्दों पर बयानबाजी करने को अनुशासनहीनता माना गया है। निलंबन अवधि के दौरान उन्हें मुख्यालय से संबद्ध किया गया है।
क्या था मामला?
अलंकार अग्निहोत्री ने अपने 5 पन्नों के त्यागपत्र में दो मुख्य कारण बताए थे:
शंकराचार्य अपमान: प्रयागराज माघ मेले में शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के शिष्यों के साथ हुई कथित बदसलूकी और ‘चोटी’ खींचे जाने की घटना से वे आहत थे।
UGC नियम: उन्होंने विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) के 2026 के नए नियमों को सामाजिक सद्भाव के खिलाफ बताया था।

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आवास पर भारी विरोध और समर्थन
कल उनके इस्तीफे के बाद बरेली स्थित उनके सरकारी आवास पर समर्थकों का भारी जमावड़ा लगा था। इस दौरान एक युवक ने कपड़े उतारकर यूजीसी का विरोध भी किया था, जिससे कानून-व्यवस्था की स्थिति चुनौतीपूर्ण हो गई थी।
प्रशासनिक रुख
विशेषज्ञों का मानना है कि गणतंत्र दिवस जैसे राष्ट्रीय पर्व पर एक मजिस्ट्रेट स्तर के अधिकारी का इस तरह इस्तीफा देना और सार्वजनिक प्रदर्शन को बढ़ावा देना शासन ने गंभीरता से लिया है। फिलहाल, बरेली में स्थिति पर नजर रखने के लिए प्रशासन ने सुरक्षा बल तैनात कर रखा है।

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