-गांधी सभागार में सांसद निधि से निर्मित 7 बारात घरों और 2 अन्त्येष्टि स्थलों का हुआ भव्य लोकार्पण: वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए ग्रामीणों से की सीधी बात
पीलीभीत। केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग, इलेक्ट्रॉनिकी एवं सूचना प्रौद्योगिकी राज्यमंत्री तथा स्थानीय सांसद जितिन प्रसाद ने आज जनपद को एक बड़ी सौगात दी। उन्होंने विकास योजना (2025-26) के अंतर्गत ग्रामीण अभियंत्रण विभाग द्वारा स्थानीय सांसद निधि से निर्मित 07 बारात घरों और 02 अन्त्येष्टि स्थलों का गांधी सभागार में बटन दबाकर सामूहिक लोकार्पण किया। इस गरिमामयी कार्यक्रम में उनके साथ बरखेड़ा विधायक स्वामी प्रवक्तानन्द, बीसलपुर विधायक विवेक वर्मा, भाजपा जिलाध्यक्ष गोकुल प्रसाद मौर्य, जिलाधिकारी ज्ञानेन्द्र सिंह, मुख्य विकास अधिकारी सतीश प्रसाद मिश्रा और पूर्व जिलाध्यक्ष संजीव प्रताप सिंह सहित कई प्रमुख जनप्रतिनिधि व प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे।
डिजिटल संवाद से जानी जमीनी हकीकत, ग्रामीणों ने रखीं अपनी मांगें
लोकार्पण के बाद केंद्रीय राज्यमंत्री ने आधुनिक तकनीक का उपयोग करते हुए ग्राम पंचायतों के प्रधानों और ग्रामीणों से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग (लाइव) के माध्यम से सीधा संवाद किया। उन्होंने नवनिर्मित भवनों की निर्माण गुणवत्ता की जानकारी ली और गांवों की अन्य आवश्यकताओं पर चर्चा की। इस दौरान विकासखण्ड बरखेड़ा के ग्राम पिपरिया अगरू, कैंच, बढेरा व परेवा अनूप; पूरनपुर के आनंदपुर उर्फ भगवन्तापुर, विधिपुर व गजरौला खास; तथा अमरिया के सिमरिया गौसू व कैमोर के ग्रामीणों ने अपनी बात रखी।
संवाद के दौरान सिमरिया गौसू के ग्रामीणों ने अन्त्येष्टि स्थल पर मिट्टी डलवाने व सड़क निर्माण की मांग की, जिस पर मंत्री जी ने ग्राम प्रधान को तत्काल मिट्टी कार्य कराने के निर्देश दिए। वहीं कैमोर, भगवन्तापुर और गजरौला खास के ग्रामीणों ने खेल मैदान, अस्पताल और इंटर कॉलेज की आवश्यकता जताई, जबकि विधिपुर के ग्रामीणों ने गांव में आरओ प्लांट और लाइब्रेरी की मांग रखी। सभी ग्रामीणों ने सांसद निधि से हुए इन लोक-कल्याणकारी कार्यों की सराहना करते हुए मंत्री जी का आभार व्यक्त किया।
स्थिर सरकार और डिजिटल क्रांति से बदल रहा देश का स्वरूप
गांधी सभागार में उपस्थित जनसमूह और ग्रामीणों को संबोधित करते हुए केंद्रीय राज्यमंत्री जितिन प्रसाद ने कहा कि जिला मुख्यालय से सीधे गांवों तक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़ना एक बेहतरीन प्रयोग है, जिससे समय, धन और ईंधन तीनों की बड़ी बचत होगी। उन्होंने कहा कि आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश डिजिटल क्रांति का गवाह बन रहा है; पिछले 12 वर्षों में मोबाइल बैंकिंग और ऑनलाइन ट्रांजैक्शन ने आम जीवन को बेहद आसान बना दिया है। अयोध्या में भव्य राम मंदिर का निर्माण और कश्मीर से धारा 370 की समाप्ति केंद्र सरकार की मजबूत इच्छाशक्ति का परिणाम है।
उन्होंने वैश्विक परिस्थितियों का जिक्र करते हुए कहा कि आज जब दुनिया के कई हिस्सों में अशांति, युद्ध और राजनीतिक अस्थिरता का माहौल है, तब भारत में एक स्थिर और मजबूत सरकार काम कर रही है, जो बड़ी से बड़ी चुनौतियों से कुशलतापूर्वक निपट रही है। युवाओं द्वारा शिक्षा, स्वास्थ्य और लाइब्रेरी की मांग किए जाने पर उन्होंने खुशी जताते हुए आश्वस्त किया कि इन सभी जरूरतों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाएगा और पीलीभीत को एक ‘मॉडल लोक सभा’ के रूप में विकसित किया जाएगा।
जनपद को झोपड़ी मुक्त बनाने और गोमती उद्गम के कायाकल्प का संकल्प
कार्यक्रम के दौरान प्रशासनिक प्रयासों की सराहना करते हुए केंद्रीय मंत्री ने बताया कि जिलाधिकारी ज्ञानेन्द्र सिंह के नेतृत्व में जनपद को पूरी तरह ‘झोपड़ी मुक्त’ बनाने की दिशा में काम चल रहा है, जिसके तहत हर गरीब को पक्का मकान उपलब्ध कराया जाएगा। इसके साथ ही पवित्र गोमती नदी के उद्गम स्थल के कायाकल्प हेतु ‘गोमती उद्गम कार्ययोजना’ धरातल पर लाई जा रही है। उन्होंने जोर देकर कहा कि मोदी और योगी सरकार ने जनता से जो भी वादे या घोषणाएं की हैं, उन्हें पूरी ईमानदारी से पूरा किया गया है।
ग्राम वनकटी में चौपाल लगाकर सुनीं जनता की समस्याएं
गांधी सभागार के कार्यक्रम के उपरांत केंद्रीय राज्यमंत्री जितिन प्रसाद सीधे ग्राम पंचायत वनकटी पहुंचे, जहां उन्होंने एक विशाल जन-चौपाल में प्रतिभाग किया। चौपाल के दौरान उन्होंने ग्रामीणों को केंद्र व राज्य सरकार द्वारा चलाई जा रही विभिन्न जनकल्याणकारी और विकास योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने मौके पर ही ग्रामीणों की शिकायतों और समस्याओं को गंभीरता से सुना और वहां उपस्थित संबंधित विभागीय अधिकारियों को कड़ी हिदायत देते हुए सभी समस्याओं का समयबद्ध व गुणवत्तापूर्ण निस्तारण करने के निर्देश दिए।
इस पूरे कार्यक्रम और चौपाल के दौरान ब्लॉक प्रमुख मरौरी सभ्यता वर्मा, अपर पुलिस अधीक्षक/सीओ सदर नताशा गोयल, जिला विकास अधिकारी, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी, उप जिलाधिकारी सदर, उप कृषि निदेशक, अधिशासी अभियंता (निर्माण विभाग), अभियंता (ग्रामीण अभियंत्रण) तथा जिला कृषि अधिकारी सहित तमाम जनपद स्तरीय अधिकारी और जनप्रतिनिधि सक्रिय रूप से उपस्थित रहे।