पीलीभीत। थाना सुनगढ़ी क्षेत्र की एक युवती ने दुष्कर्म के मामले में दर्ज रिपोर्ट वापस लेने का दबाव बनाने, धमकी देने और कचहरी परिसर में मारपीट करने का आरोप लगाया है। पीड़िता ने इस संबंध में पुलिस अधीक्षक सुकीर्ति मिश्रा से शिकायत की। एसपी के आदेश पर सदर कोतवाली पुलिस ने शुक्रवार को नामजद आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पीड़िता के अनुसार, वर्ष 2020 में उसके साथ दुष्कर्म और आईटी एक्ट से संबंधित मामले में थाना सुनगढ़ी में रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। इस मामले में नामजद आरोपी नितिन काफी समय से फरार चल रहा था, जिसे पुलिस ने 3 दिसंबर 2025 को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।
आरोप है कि आरोपी के जेल जाने के बाद उसके परिजन लगातार केस वापस लेने का दबाव बनाने लगे। पीड़िता ने बताया कि 17 दिसंबर 2025 को आरोपी के परिजनों ने एक अधिवक्ता के माध्यम से फोन कर रिपोर्ट वापस लेने को कहा। जब उसने इंकार कर दिया तो उसी दिन कचहरी परिसर में आरोपी के भाई मनोज, बहन रितु (निवासी थाना मोदीनगर, जिला गाजियाबाद) और एक अज्ञात व्यक्ति ने उसे घेर लिया।
पीड़िता का आरोप है कि आरोपियों ने गाली-गलौज करते हुए उसके साथ मारपीट की और केस वापस न लेने पर जान से मारने की धमकी दी। आरोप है कि आरोपी के भाई मनोज ने उसे धक्का देकर जमीन पर गिरा दिया, जिससे वह घायल हो गई।
मामले में सदर कोतवाली प्रभारी सत्येंद्र कुमार ने बताया कि तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। मामले की जांच की जा रही है और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।