सितारगंज। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तत्वाधान में पोषण पखवाड़ा के तहत विकासखंड सितारगंज में व्यापक जन-जागरूकता अभियान चलाया गया। जिसमें महिलाओं को उनके बच्चों के मस्तिष्क के विकास के लिए जागरूक किया गया।
बृहस्पतिवार को बीडीओ सीआर आर्य ने “जीवन के पहले छह वर्षों में मस्तिष्क के विकास को अधिकतम करने” की थीम पर आधारित पोषण पखवाड़ा का आठवां संस्करण लांच किया। जिसमें ग्रामीण इलाकों में बैठक, रैली व रंगोली प्रदर्शन आदि कार्यक्रमों के माध्यम से ग्रामीण महिलाओं को जागरूक किया गया।
बीएमएम सुनीता कश्यप ने बताया कि 9 अप्रैल से 23 अप्रैल तक पोषण पखवाड़ा मनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि विशेषज्ञों ने अनुसार बच्चें के मस्तिष्क का लगभग 85 प्रतिशत विकास पहले छह वर्षों में ही हो जाता है। ऐसे में इस अवधि में सही पोषण और देखभाल अत्यंत आवश्यक है।
इस दौरान कार्यक्रम में “हजार दिनों का जादू” (गर्भावस्था से लेकर बच्चे के 2 वर्ष की आयु तक) पर विशेष फोकस किया गया। साथ ही, स्थानीय स्तर पर उपलब्ध पोषक खाद्य पदार्थों और मोटे अनाज के सेवन को बढ़ावा देने पर जोर दिया गया।
वहीं, अभिभावकों को बच्चों के स्वास्थ्य के लिए स्क्रीन टाइम कम करने की सलाह दी।
वहां सीपीआरपी ममता कुमारी, नेहा राणा, पूनम, आंचल, दुर्गेश्वरी, प्रीति, मंजू, केशरी, ऊषा, पवित्रा सहित विभिन्न स्वयं सहायता समूहों की महिलाएं उपस्थित रहीं।
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