हरिद्वार। नेपाल में लगातार बारिश और बाढ़ से बने गंभीर हालात के बीच अखिल विश्व गायत्री परिवार ने राहत अभियान शुरू किया है। आपदा प्रभावित परिवारों की सहायता के लिए गायत्री तीर्थ शांतिकुंज से राहत सामग्री नेपाल भेजी जा रही है। करीब 50 उच्च प्रशिक्षित कार्यकर्ताओं और स्थानीय गायत्री परिजनों का सेवाभावी दल प्रभावित क्षेत्रों में पहुंचकर जरूरतमंद परिवारों तक सहायता पहुंचाएगा।
गायत्री परिवार प्रमुख श्रद्धेया शैल जीजी एवं देवसंस्कृति विश्वविद्यालय के उपाध्यक्ष डॉ. चिन्मय पण्ड्या के मार्गदर्शन में शुरू किए गए इस अभियान के तहत तिरपाल, राशन, आवश्यक दवाइयां और दैनिक उपयोग की जरूरी सामग्री भेजी जा रही है। सेवा दल का प्रयास है कि बाढ़ के कारण घर और जरूरी संसाधन गंवा चुके परिवारों तक प्राथमिक आवश्यकताओं की मदद जल्द पहुंचाई जा सके।
राहत के साथ अपनत्व का संदेश
गायत्री परिवार के अनुसार यह अभियान केवल राहत सामग्री वितरित करने तक सीमित नहीं है, बल्कि आपदा की घड़ी में पीड़ितों के साथ आत्मीयता से खड़े होने का प्रयास है। शांतिकुंज का मानना है कि प्राकृतिक आपदा के बाद प्रभावित लोगों को राहत सामग्री के साथ भरोसे और अपनत्व की भी आवश्यकता होती है।
इसी भावना के साथ कार्यकर्ता प्रभावित क्षेत्रों में पहुंचकर जरूरतमंद परिवारों की वास्तविक आवश्यकताओं को समझेंगे और उसी के अनुरूप सहायता उपलब्ध कराने का प्रयास करेंगे।
युगऋषि और माताजी के विचारों से मिली प्रेरणा
गायत्री परिवार ने बताया कि इस सेवा अभियान की प्रेरणा युगऋषि पूज्य पं. श्रीराम शर्मा आचार्य और वंदनीया माता भगवती देवी शर्मा के लोकमंगल के विचारों से जुड़ी है। युगऋषि पं. श्रीराम शर्मा आचार्य ने मानव सेवा को अध्यात्म की व्यावहारिक अभिव्यक्ति माना, जबकि माता भगवती देवी शर्मा का जीवन करुणा, ममता और पीड़ित मानवता की सेवा का संदेश देता रहा।
गायत्री परिवार इसी विचार को व्यवहार में उतारते हुए नेपाल के आपदा प्रभावित परिवारों के बीच सहायता पहुंचाने के लिए आगे आया है।
नेपाल के साथ पुराने आत्मीय संबंध
गायत्री परिवार ने कहा कि भारत और नेपाल के संबंध सदियों पुराने और आत्मीय हैं। दोनों देशों के बीच पारिवारिक संबंधों को देखते हुए नेपाल के संकट की घड़ी में सहायता के लिए आगे आना अखिल विश्व गायत्री परिवार अपने मानवीय दायित्व के रूप में देखता है।
शांतिकुंज से भेजी जा रही राहत सामग्री और सेवाभावी कार्यकर्ताओं का दल इसी पारिवारिक भावना का प्रतीक है।
दिवंगत लोगों के प्रति जताई संवेदना
श्रद्धेया शैल जीजी और डॉ. चिन्मय पण्ड्या ने नेपाल में आई बाढ़ आपदा में दिवंगत लोगों के प्रति श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने शोक-संतप्त परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए प्रभावित लोगों के जल्द सुरक्षित होने और जनजीवन के शीघ्र सामान्य होने की कामना की।
आपदा के समय सेवा में आगे रहा है गायत्री परिवार
गायत्री परिवार के अनुसार गुजरात भूकंप, ओडिशा और बिहार की बाढ़, केदारनाथ आपदा सहित देश में जब भी बड़ी प्राकृतिक आपदाएं आईं, शांतिकुंज परिवार ने प्रभावित क्षेत्रों में पहुंचकर सेवा और सहयोग का प्रयास किया है। संगठन के कार्यकर्ता आपदा प्रभावित लोगों की मदद के लिए तन, मन और धन से सेवा में जुटते रहे हैं।