देहरादून। उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में सरकारी संपत्तियों और जमीनों को अवैध कब्जों से मुक्त कराने के लिए जिला प्रशासन और राजस्व विभाग ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। मंगलवार को देहरादून के विकासनगर तहसील क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले शीशमबाड़ा इलाके में भारी पुलिस बल की मौजूदगी में प्रशासन का बुलडोजर गरजा। इस विशेष अतिक्रमण विरोधी अभियान (Anti-Encroachment Drive) के तहत सरकारी भूमि पर अवैध रूप से निर्मित किए गए एक मजार के ढांचे को पूरी तरह से ध्वस्त कर दिया गया।
बुलडोजर एक्शन से मचा हड़कंप, भारी पुलिस बल रहा तैनात
प्राप्त जानकारी के अनुसार, विकासनगर के शीशमबाड़ा में बेशकीमती सरकारी जमीन पर कुछ लोगों द्वारा अवैध रूप से मजार का निर्माण कर कब्जा करने की शिकायतें प्रशासन को मिल रही थीं। राजस्व विभाग की पैमाइश और जांच में भूमि के पूरी तरह से सरकारी होने की पुष्टि होने के बाद, मंगलवार सुबह ही उप जिलाधिकारी (SDM) और पुलिस अधिकारियों के नेतृत्व में भारी फोर्स मौके पर पहुंच गई। किसी भी प्रकार के विरोध या कानून व्यवस्था की स्थिति से निपटने के लिए स्थानीय पुलिस बल को तैनात किया गया था, जिसके बाद जेसीबी (JCB) मशीनों की मदद से कुछ ही समय में अवैध निर्माण को जमींदोज कर दिया गया।
सरकारी भूमि पर कब्जा किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं: डीएम
इस बड़ी कार्रवाई के बाद देहरादून के जिलाधिकारी (DM) ने बेहद सख्त लहजे में संदेश जारी किया है। जिलाधिकारी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि देवभूमि में सरकारी संपत्तियों की सुरक्षा के लिए प्रशासन पूरी तरह से सतर्क है और किसी भी सरकारी भूमि पर अवैध धार्मिक या व्यावसायिक कब्जा किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि जहां कहीं भी ऐसी अवैध गतिविधियां या निर्माण कार्य चल रहे हैं, उन्हें तत्काल चिन्हित कर खाली कराया जाए।
जिले भर में जारी रहेगा अतिक्रमण मुक्त अभियान
विकासनगर तहसील प्रशासन के मुताबिक, शीशमबाड़ा में की गई इस त्वरित कार्रवाई के बाद अब सरकारी जमीन को पूरी तरह से कस्टडी में लेकर सुरक्षित कर दिया गया है। जिला प्रशासन ने साफ कर दिया है कि राजधानी देहरादून और उसके आसपास के ग्रामीण व पहाड़ी क्षेत्रों में सरकारी संपत्तियों को अवैध कब्जों से मुक्त कराने की यह मुहिम आगे भी लगातार और पूरी कड़ाई के साथ जारी रहेगी।