​पीलीभीत। जनपद की समस्त गौशालाओं के बेहतर पर्यवेक्षण और प्रबंधन को लेकर जिलाधिकारी ज्ञानेन्द्र सिंह की अध्यक्षता में जनपद स्तरीय अनुश्रवण एवं मूल्यांकन समिति की बैठक गांधी सभागार में संपन्न हुई। बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने गर्मी के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए निराश्रित गौवंशों की सुरक्षा पर विशेष बल दिया। उन्होंने समस्त खंड विकास अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि गौशालाओं में गौवंशों को लू और भीषण गर्मी से बचाने के लिए पुख्ता इंतजाम किए जाएं। साथ ही, पशुओं के लिए स्वच्छ और शीतल पेयजल की निरंतर उपलब्धता सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी भी तय की गई।
​बैठक में एक महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए जिलाधिकारी ने 50 से कम पशुओं वाले गौ आश्रय स्थलों को बंद करने के प्रस्ताव को सिरे से खारिज कर दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि इन छोटी गौशालाओं को बंद करने के बजाय इनका विस्तारीकरण किया जाए और वहां गौवंशों की संख्या बढ़ाने की दिशा में कार्य किया जाए। इसके साथ ही, पशुओं के भरण-पोषण के लिए भूसे की कमी न हो, इसके लिए संबंधित उप जिलाधिकारियों और खंड विकास अधिकारियों को दान के माध्यम से भूसा एकत्र करने की कार्रवाई तेज करने के निर्देश दिए गए।
​गौवंश के लिए पौष्टिक आहार और हरे चारे की व्यवस्था सुनिश्चित करने हेतु जिलाधिकारी ने एक नई कार्ययोजना पर जोर दिया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि स्थानीय किसानों के साथ अनुबंध के आधार पर उनकी भूमि पर हरा चारा उत्पादन कराने की प्रक्रिया शुरू की जाए। बैठक का कुशल संचालन मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. प्रवीण कुमार त्यागी द्वारा किया गया। इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी, अपर जिलाधिकारी, समस्त उप जिलाधिकारी, खंड विकास अधिकारी एवं समिति के अन्य सदस्य उपस्थित रहे।

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