​पीलीभीत । उत्तर प्रदेश की जीवनदायिनी मानी जाने वाली गोमती नदी के संरक्षण और इसके उद्गम स्थल के सौंदर्यीकरण की दिशा में केंद्र सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। भारत सरकार के केंद्रीय जल शक्ति मंत्रालय के अधीन सार्वजनिक क्षेत्र के प्रतिष्ठित उपक्रम ‘वैपकोश’ (वाटर एंड पावर कंसल्टेंसी सर्विसेज ) की एक उच्चस्तरीय टीम ने जनपद के माधोटांडा स्थित गोमती उद्गम तीर्थ स्थल पर पहुंचकर विस्तृत सर्वे कार्य शुरू कर दिया है। इस टीम का नेतृत्व वैपकोश के डिप्टी चीफ इंजीनियर दिनेश वर्मा कर रहे हैं, जिनके साथ सर्वेयर लखवीर सिंह और अन्य तकनीकी विशेषज्ञ भी मौजूद हैं। इस पहल से वर्षों से उपेक्षित पड़े इस तीर्थ स्थल के कायाकल्प की नई उम्मीदें जगी हैं।
​सर्वे टीम ने तीर्थ स्थल की भौगोलिक स्थिति, जल स्तर और उपलब्ध भूमि का गहन निरीक्षण किया। डिप्टी चीफ इंजीनियर दिनेश वर्मा ने बताया कि इस सर्वे का मुख्य उद्देश्य गोमती नदी के उद्गम स्थल को एक प्रमुख पर्यटन और आध्यात्मिक केंद्र के रूप में विकसित करने की संभावनाओं को तलाशना है। टीम ने मंदिर परिसर, मुख्य सरोवर और आसपास के जल भराव वाले क्षेत्रों की पैमाइश की ताकि एक सटीक मास्टर प्लान तैयार किया जा सके। सर्वेयर लखवीर सिंह ने आधुनिक उपकरणों के माध्यम से स्थल का तकनीकी डेटा संकलित किया, जिसे मंत्रालय को भेजी जाने वाली विस्तृत कार्ययोजना में शामिल किया जाएगा।
​इस महत्वपूर्ण सर्वे के शुरू होने से स्थानीय नागरिकों और तीर्थ स्थल की प्रबंध समिति में भारी उत्साह देखा जा रहा है। वैपकोश की विशेषज्ञता जल संसाधन और बुनियादी ढांचे के विकास में विश्व स्तरीय मानी जाती है, ऐसे में यह माना जा रहा है कि आने वाले समय में माधोटांडा स्थित गोमती उद्गम पर पक्के घाटों का निर्माण, स्वच्छता प्रबंधन, वृक्षारोपण और पर्यटकों के लिए आधुनिक सुविधाओं का विकास होगा। टीम द्वारा संकलित रिपोर्ट के आधार पर मंत्रालय बजट और विकास कार्यों की रूपरेखा तय करेगा, जिससे न केवल गोमती की धारा अविरल होगी, बल्कि क्षेत्र के पर्यटन को भी नई पहचान मिलेगी।

(आधुनिक दुनिया को सभी स्थानों पर संवाददाताओं की आवश्यकता है। इच्छुक संपर्क करें- 8923815100 व्हाट्अप पर अपना नाम, स्थान, यदि कोई अनुभव है तो उसकी जानकारी और कहां से संवाददाता बनना चाहते हैं उस स्थान का नाम लिखें संपर्क करें। यदि आप पत्रकारिता सीखने के इच्छुक हैं, तो भी संपर्क कर सकते हैं। )

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *