​विधि संवाददाता, पीलीभीत। ऑनलाइन गेमिंग ऐप के जरिए लाखों रुपये की साइबर धोखाधड़ी के मामले में अपर सत्र न्यायाधीश/विशेष न्यायाधीश (ईसी एक्ट) शिखा प्रधान की अदालत ने आरोपी महिला की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी है। न्यायालय ने मामले को बेहद गंभीर प्रवृत्ति का मानते हुए जमानत देने से इनकार कर दिया।
​अभियोजन कथानक के अनुसार, थाना कोतवाली क्षेत्र की आवास विकास कॉलोनी निवासी शिवानी ने साइबर अपराध थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पीड़िता उत्तर प्रदेश ग्रामीण बैंक (शाखा सुनगढ़ी) में बैंक मित्र के पद पर कार्यरत है। 28 जनवरी 2025 को उसकी मौसी के लड़के अनमोल जायसवाल (निवासी मोहल्ला सुनगढ़ी) ने उसे ‘एविटर गेमिंग ऐप’ के बारे में बताया और कहा कि उसने इस ऐप से 45 हजार रुपये जीते हैं। उसने शिवानी को भी पैसे लगाकर अधिक कमाई करने का लालच दिया।
​अनमोल की बातों में आकर शिवानी ने उसके बताए वेबसाइट लिंक पर गूगल के जरिए अपनी ईमेल आईडी बनाई और 28 जनवरी 2025 से 30 नवंबर 2025 तक लगातार पैसे लगाकर गेम खेला। इस गेम में 300 रुपये से लेकर 25,000 रुपये तक की बेट (दांव) लगाई जाती थी, जिसमें लगाई गई रकम के एक हजार गुना तक मिलने का झांसा दिया गया था।
​शिवानी ने लालच में आकर अपने एसबीआई और उत्तर प्रदेश ग्रामीण बैंक के खातों से करीब 35 लाख रुपये ऐप में लगा दिए। इसमें कुछ धनराशि बैंक के खाताधारकों की भी शामिल थी। बाद में ऐप संचालकों ने धोखाधड़ी कर पूरी रकम ठग ली। ठगी का अहसास होने पर जब शिवानी ने अनमोल से संपर्क करने की कोशिश की, तो उसने फोन उठाना बंद कर दिया और सामने आना बंद कर दिया।
​इस मामले में बरेली के मोहल्ला आर.ए. बाजार (तोपखाना) निवासी आरोपी महिला ममता की ओर से अदालत में अग्रिम जमानत याचिका दाखिल की गई थी। सुनवाई के दौरान राज्य की ओर से सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता मनोज कुमार मिश्रा और बचाव पक्ष के अधिवक्ताओं ने अपने-अपने तर्क प्रस्तुत किए। न्यायालय ने पत्रावली पर मौजूद साक्ष्यों और अपराध की गंभीरता को देखते हुए ममता की अग्रिम जमानत याचिका निरस्त कर दी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Site designed and maintained by Lalit Rastogi