उत्तरकाशी। गाजणा पट्टी स्थित ग्राम पंचायत ठाण्डी-जालंग एक बार फिर इतिहास, आस्था और लोक संस्कृति के संगम का गवाह बनने जा रही है। यहां के आराध्य ग्राम देवता श्रीचंदनी नाग बोलियाराजा के पावन प्रांगण बोलियाधार में सदियों से चली आ रही पौराणिक त्रिवार्षिक भेड़ मेला ‘भेडू कु थौलू’ का आयोजन 3 से 6 सितंबर 2026 तक किया जाएगा।

स्थानीय मान्यता के अनुसार श्रीचंदनी नाग बोलियाराजा को युवा अवस्था के श्रीकृष्ण स्वरूप के रूप में माना जाता है। इसी आस्था से जुड़ी परंपरा के तहत देवता की डोली और भेड़ों की परिक्रमा को पशुधन की समृद्धि और ग्राम रक्षा का प्रतीक माना जाता है। यही वजह है कि यह आयोजन महज एक मेला नहीं, बल्कि उत्तराखंड की पारंपरिक पशुपालन संस्कृति और लोक आस्था के संरक्षण का जीवंत उदाहरण माना जाता है।

त्रियुगीनारायण से जुड़ी है मेले की मान्यता

मेले से जुड़ी मान्यता त्रियुगीनारायण से जुड़ी हुई है। मान्यता है कि द्वापर युग के अंत में भगवान श्रीकृष्ण के स्वधाम गमन के बाद पांडव स्वर्गारोहण के लिए हिमालय की ओर आए थे और उन्होंने त्रियुगीनारायण में विश्राम किया था। यही वह पवित्र भूमि मानी जाती है, जहां माता पार्वती और भगवान शिव का विवाह हुआ था।

इसी पौराणिक परंपरा से जुड़ी मान्यताओं के आधार पर बोलियाराजा की डोली और भेड़ों की परिक्रमा को विशेष धार्मिक एवं सांस्कृतिक महत्व दिया जाता है।

चार दिन चलेगा भव्य आयोजन

मेला समिति ने आयोजन को भव्य बनाने के लिए विशेष तैयारियां की हैं। 3 सितंबर को ग्राम देवता की डोली गाजे-बाजे के साथ शैल भ्रमण करेगी। 4 सितंबर को सुबह 10 बजे यज्ञ स्थापना और मंच उद्घाटन होगा। इसके बाद स्थानीय विद्यालयों के बच्चों और लोक कलाकारों की सांस्कृतिक प्रस्तुतियां होंगी।

5 सितंबर को उत्तराखंड के प्रसिद्ध लोक गायक सूर्यपाल श्रीवांण, भुर्जन सेमल्टा, ममता पंवार, विनोद राणा सहित अन्य कलाकार अपनी प्रस्तुतियों से लोक संस्कृति की छटा बिखेरेंगे।

वहीं 6 सितंबर को मेले का सबसे आकर्षक आयोजन होगा। इस दिन देवी-देवताओं की डोलियों का मिलन नृत्य होगा और सैकड़ों सजी हुई भेड़ों की झांकी परिक्रमा करेगी। आयोजकों के अनुसार यही परंपरा इस मेले की सबसे विशिष्ट पहचान है।

जनप्रतिनिधि और अधिकारी रहेंगे मौजूद

आयोजन में मुख्य अतिथि के रूप में प्रदेश के कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल मौजूद रहेंगे। विशिष्ट अतिथियों में गंगोत्री विधायक सुरेश चौहान, जिला पंचायत अध्यक्ष रमेश चौहान, पूर्व विधायक विजयपाल सजवाण और प्रतापनगर विधायक विक्रम सिंह नेगी सहित जिलाधिकारी प्रशांत कुमार आर्य के उपस्थित रहने की जानकारी दी गई है।

मेला समिति के संरक्षक उत्तम सिंह गुसांई, संयोजक अब्बल सिंह राणा तथा आयोजक प्रधान मंगशीरी देवी और गीता देवी ने श्रद्धालुओं, प्रवासियों और गाजणा पट्टी के ग्राम प्रधानों, क्षेत्र पंचायत सदस्यों एवं जिला पंचायत सदस्यों से मेले में पहुंचने की अपील की है।

आयोजकों ने कहा कि इस पौराणिक थौलू में अधिक से अधिक लोग शामिल होकर देव आशीर्वाद प्राप्त करें और उत्तराखंड की समृद्ध लोक संस्कृति एवं परंपराओं को देश-दुनिया तक पहुंचाने में सहयोग करें।

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