श्रीनगर / अनंतनाग। जम्मू-कश्मीर के अनंतनाग शहर से एक बेहद दुखद और बड़ी खबर सामने आ रही है। बुधवार (22 जुलाई 2026) दोपहर को व्यस्त लाल चौक इलाके में संदिग्ध आतंकवादियों ने पुलिस टीम पर अचानक अंधाधुंध गोलीबारी कर दी। इस कायरतापूर्ण हमले में सुरक्षा ड्यूटी पर तैनात जम्मू-कश्मीर पुलिस के हेड कॉन्स्टेबल आशिक हुसैन कुरैशी गंभीर रूप से घायल हो गए, जिन्होंने बाद में अस्पताल में दम तोड़ दिया।
अमरनाथ यात्रा की सुरक्षा में तैनात थे वीर जवान
प्राप्त जानकारी के अनुसार, शहीद हेड कॉन्स्टेबल आशिक हुसैन आईआरपी (IRP) तीसरी बटालियन के जवान थे। इन दिनों उनकी तैनाती पवित्र अमरनाथ यात्रा की सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर मुख्य चौक पर की गई थी। वह मूल रूप से मध्य कश्मीर के बडगाम जिले के बीरवाह इलाके के रहने वाले थे।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, दोपहर करीब 12:30 बजे घात लगाए आतंकियों ने अचानक पुलिस दल को निशाना बनाया। गोलीबारी में घायल आशिक हुसैन को तुरंत पास के राजकीय मेडिकल कॉलेज (GMC) अस्पताल, अनंतनाग ले जाया गया, लेकिन गंभीर रूप से जख्मी होने के कारण डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
लश्कर के मुखौटा संगठन ‘TRF’ ने ली जिम्मेदारी
इस कायराना हमले के कुछ ही देर बाद, प्रतिबंधित आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा के मुखौटा संगठन ‘द रेजिस्टेंस फ्रंट’ (TRF) ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट जारी कर इस हमले की जिम्मेदारी ली है। सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि अमरनाथ यात्रा के दौरान शांति भंग करने और दहशत फैलाने के उद्देश्य से आतंकियों ने इस वारदात को अंजाम दिया है।
पूरा इलाका सील, सुरक्षाबलों का बड़ा सर्च ऑपरेशन
वारदात के तुरंत बाद भारतीय सेना, सीआरपीएफ (CRPF) और जम्मू-कश्मीर पुलिस के अतिरिक्त जवानों ने पूरे लाल चौक और उसके आस-पास के व्यापारिक क्षेत्रों को चारों तरफ से घेर लिया है। संदिग्ध हमलावरों की धरपकड़ के लिए इलाके में बड़े पैमाने पर घेराबंदी और तलाशी अभियान (CASO) चलाया जा रहा है। आने-जाने वाले सभी रास्तों पर नाकेबंदी कर वाहनों की सघन चेकिंग की जा रही है।