पीलीभीत। स्वर कोकिला भारत रत्न लता मंगेशकर की पुण्यतिथि के अवसर पर शहर के संगीत प्रेमियों ने सुरमयी श्रद्धांजलि अर्पित की। कार्यक्रम का शुभारंभ सरस्वती वंदना और दीप प्रज्वलन से हुआ, जिसके बाद कलाकारों ने एक से बढ़कर एक प्रस्तुतियों से समां बांध दिया। इस गरिमामय अवसर पर जिले के वरिष्ठ ऑर्थोपेडिक सर्जन और प्रसिद्ध गायक डॉ. प्रफुल्ल नारायण सक्सेना को उनके शानदार गायन और व्यक्तित्व के लिए ‘लता मंगेशकर अवॉर्ड’ से नवाजा गया। कार्यक्रम में अपनी गायकी का जादू बिखेरने वाले संदीप सिंह को ‘बेस्ट परफॉर्मर ऑफ द डे‘ के पुरस्कार से सम्मानित किया गया। डॉ. उपेंद्रनाथ मिश्रा ने लता जी के यशस्वी जीवन पर प्रकाश डाला, तो वहीं क्लब अध्यक्ष डॉ. आदित्य पांडेय ने कार्यक्रम का सफल संचालन किया।
श्रद्धांजलि सभा में मुख्य अतिथि मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. आलोक शर्मा ने ‘होठों से छू लो तुम मेरा गीत अमर कर दो’ गाकर सभी को भावविभोर कर दिया। विशिष्ट अतिथि नगरपालिका अध्यक्ष डॉ. आस्था अग्रवाल ने ‘चांद सी महबूबा हो’ गीत के जरिए अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। मंच पर सुरों का सिलसिला आगे बढ़ाते हुए डॉ. रश्मि प्रकाश ने ‘खयालों में इस तरह आया नहीं करते’, सुपरस्टार सिंगर फेम क्षितिज सक्सेना ने ‘यह दिल तुम बिन कहीं लगता नहीं‘, नबी अंसारी ने ‘ओ दिलबर जानिए’, बाल कलाकार पावनी गुप्ता ने ‘अब तो है तुमसे हर खुशी अपनी’ और रजनी अग्रवाल ने ‘अजीब दास्तां है यह’ जैसे कालजयी गीतों की प्रस्तुति दी। वहीं डॉ. आदित्य पांडेय ने ‘कहीं दूर जब दिन ढल जाए‘, डॉ. शुची गुप्ता ने ‘तूने ओ रंगीले कैसे जादू किया’, गौरव अग्रवाल ने ‘ओ मेरी महबूबा‘ और रंजीत सहमी ने ‘दिल का दिया जला के गया’ गाकर महफिल में रंग भर दिया।
गीतों का सफर जारी रखते हुए गोविंद कपूर ने ‘हंसिनी ओ मेरी हंसिनी‘, वर्षा सक्सैना ने ‘तुझसे नाराज नहीं जिंदगी‘, निखिल अग्रवाल ने ‘नीले नीले अंबर पर’ और अलका मालपानी ने ‘जब चली ठंडी हवा’ सुनाकर दर्शकों की वाहवाही लूटी। लता मंगेशकर अवार्ड से सम्मानित डॉ. प्रफुल्ल नारायण सक्सेना ने ‘तुम जो मिल गए हो यह लगता है’ और मधु कुमार ने अपनी काव्यांजलि से श्रद्धांजलि दी। वसीम खान ने ‘दिल पर चलाई छुरियां‘, मंजू सिंह ने ‘तुम मुझे यूं भुला न पाओगे‘ और इरा व भारत कंचन की जोड़ी ने ‘हो गया है तुझको तो प्यार सजना’ की शानदार प्रस्तुति दी। डॉ. संजय गुप्ता ने ‘करूँ सजनी आए न बालम’, डॉ. नीलिमा शर्मा ने ‘हम तुझसे मोहब्बत करके सनम‘, संदीप सिंह ने ‘छलके तेरी आंखों से शराब’ व ‘यारी है ईमान मेरा’ और डॉ. दीपा व डॉ. अनिल मिश्रा ने ‘तुझे ना देखूं तो चैन मुझे आता नहीं‘ गाकर माहौल को संगीतमय बनाए रखा।
समारोह के अंतिम चरण में अनीता चौधरी ने ‘हुई आंख नम’, राजीव सक्सेना ने ‘बड़ी दूर से आए हैं’, अजीत वाजपेई ने ‘पापा कहते हैं बड़ा नाम करेगा’, मास्टर शौर्य शर्मा ने ‘मेरे रंग में रंगने वाली’ और कृपा दीक्षित ने ‘हमें तुमसे प्यार कितना’ जैसे गीतों से श्रद्धांजलि दी। डॉ. अमित कात्यान, अक्षत पांडेय, डॉ. शालिनी त्रिपाठी, डॉ. नेहा शर्मा और नवीन बाहरी ने भी अपनी मधुर आवाज का जादू चलाया।
कार्यक्रम में मधु गुप्ता को ‘बेस्ट ऑडियंस’ और मंजू सिंह को विशेष पुरस्कार दिया गया। अंत में क्लब सदस्यों ने दिवंगत परिजनों की स्मृति में दो मिनट का मौन रखकर उन्हें नमन किया।
इस भव्य आयोजन की सफलता के साक्षी बनने के लिए शहर की कई जानी-मानी हस्तियां मौजूद रहीं। कार्यक्रम में डॉ. एस.के. अग्रवाल, संरक्षक डॉ. ज्ञान प्रकाश, डॉ. के.एन. तिवारी, डॉ. ममता सक्सेना, डॉ. परविंदर सिंह सहमी, डॉ. एसपीएस संधू,प्रेस क्लब अध्यक्ष डॉ.अमिताभ अग्निहोत्री, डॉ. उमेश वाष्र्णेय और रिचा वार्ष्णेय ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। इनके साथ ही डॉ. गीतांजलि मिश्रा, डॉ. शालिनी त्रिपाठी, मधु गुप्ता, रवि कुमार, सपना आदित्य, राजीव मालपानी, रेणुका अग्निहोत्री, राजीव मेहरोत्रा और नीना मेहरोत्रा सहित काफी संख्या में संगीत प्रेमी मौजूद रहे।