सितारगंज (ऊधम सिंह नगर)। व्यापारिक नगरी सितारगंज में एक बार फिर करोड़ों की वित्तीय धोखाधड़ी का बड़ा मामला सामने आया है। एक साझेदारी फर्म (Partnership Firm) में वर्किंग पार्टनर द्वारा करीब 31.80 करोड़ रुपये के गबन का सनसनीखेज आरोप लगा है। पीड़ित महिला कारोबारी की शिकायत पर न्यायालय के आदेश के बाद पुलिस ने आरोपी पार्टनर के खिलाफ धोखाधड़ी और आपराधिक विश्वासघात का मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

मामला सितारगंज की निवासी महिला कारोबारी मीना जिंदल से जुड़ा है। मीना जिंदल के अनुसार, वे एक विधवा और वृद्ध महिला हैं। उनके ही एक रिश्तेदार, वार्ड नंबर 5 निवासी मदन लाल गोयल उर्फ मदन लाल अग्रवाल ने उन्हें विश्वास में लेकर ग्राम मलपुरी में एक साझेदारी फर्म की स्थापना की थी। इस फर्म में मदन लाल की 50 फीसदी हिस्सेदारी थी और वर्किंग पार्टनर होने के नाते बैंक के लेन-देन से लेकर फर्म के संचालन की पूरी जिम्मेदारी उन्हीं के पास थी।

बैंक के नोटिस ने खोला ‘गबन’ का राज
महिला कारोबारी मीना जिंदल ने बताया कि धोखाधड़ी का खुलासा तब हुआ जब बैंक से फर्म की 25 करोड़ रुपये की क्रेडिट लिमिट पर ब्याज का भुगतान न करने और खाता सही से संचालित न होने का नोटिस आया। जब मीना जिंदल ने स्टॉक और वित्तीय अनियमितता की जानकारी मांगी, तो आरोपी मदन लाल ने कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया।

करोड़ों का निजी लाभ और जान से मारने की धमकी का आरोप
महिला का गंभीर आरोप है कि मदन लाल ने सोची-समझी साजिश के तहत फर्म की पूंजी (करीब 31.80 करोड़ रुपये) का गबन किया और उस रकम को अपने निजी फार्म और व्यक्तिगत बैंक खातों में ट्रांसफर कर लिया। इसके अलावा, देनदारी के 2 करोड़ और लोन के 55 लाख रुपये का भी कोई हिसाब नहीं दिया गया। आरोप है कि जब पीड़ित परिवार ने हिसाब मांगा, तो आरोपी ने उन्हें जान से मारने की धमकी तक दे डाली।


पुलिस एक्शन: कोर्ट के आदेश पर मुकदमा दर्ज
मामले की गंभीरता को देखते हुए न्यायालय ने पुलिस को सख्त निर्देश दिए। सीओ बीएस धौनी ने बताया कि कोर्ट के आदेश पर आरोपी मदन लाल गोयल के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है।
