सितारगंज (ऊधमसिंह नगर)। सीमांत क्षेत्र सितारगंज में साइबर अपराधियों के हौसले इतने बुलंद हैं कि अब वे रसूखदार जनप्रतिनिधियों को भी अपना निशाना बना रहे हैं। ताजा मामला सितारगंज के पूर्व पालिकाध्यक्ष हरीश दुबे का है, जिनका व्हाट्सएप अकाउंट हैक कर साइबर ठगों ने उनके परिचितों से पैसों की डिमांड शुरू कर दी। घटना के बाद क्षेत्र में हड़कंप मच गया और पूर्व पालिकाध्यक्ष को खुद सोशल मीडिया पर आकर लोगों को आगाह करना पड़ा।

बैंक कूरियर के नाम पर बिछाया जाल:
पूर्व पालिकाध्यक्ष हरीश दुबे ने आपबीती सुनाते हुए बताया कि ठगी की शुरुआत एक अनजान फोन कॉल से हुई। कॉल करने वाले व्यक्ति ने उन्हें झांसा दिया कि उनके नाम से बैंक का एक जरूरी कूरियर आया है। कूरियर की जानकारी लेने के लिए जैसे ही उन्होंने बताए गए नंबर पर कॉल किया, कुछ ही मिनटों के भीतर उनका व्हाट्सएप अकाउंट हैक हो गया और फोन भी बंद (स्विच ऑफ) हो गया।

परिचितों को भेजे ‘मदद’ के फर्जी मैसेज:
अकाउंट हैक करने के बाद ठगों ने हरीश दुबे के नाम का फायदा उठाकर उनके संपर्क सूची (Contact List) में मौजूद लोगों को मैसेज भेजना शुरू कर दिया। मैसेज में लिखा गया कि— “मैं बड़ी मुसीबत में हूँ, मेरा यूपीआई (UPI) काम नहीं कर रहा है, कृपया तत्काल कुछ पैसे इस नंबर पर ट्रांसफर कर दें।” रविवार को जब यह मैसेज शहर के प्रमुख लोगों के पास पहुँचा, तो हड़कंप मच गया। कई लोगों ने जब उन्हें फोन मिलाया तो नंबर बंद मिलने के कारण लोग और भी ज्यादा असमंजस में पड़ गए।

फेसबुक लाइव के जरिए किया अलर्ट:
मामले की गंभीरता को देखते हुए हरीश दुबे ने फेसबुक लाइव के माध्यम से जनता को संबोधित किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका व्हाट्सएप हैक हो चुका है और उनके नाम से मांगे जा रहे पैसों के अनुरोध पर कोई भी व्यक्ति यकीन न करे। उन्होंने लोगों से अपील की कि किसी भी अनजान लिंक या कॉल के झांसे में न आएं।

विशेष सलाह: सतर्क रहें, सुरक्षित रहें

साइबर विशेषज्ञों ने इस घटना के बाद जनता के लिए एडवाइजरी जारी की है:

  1. टू-स्टेप वेरिफिकेशन: अपने व्हाट्सएप और सोशल मीडिया अकाउंट्स पर ‘Two-Step Verification’ हमेशा ऑन रखें।
  2. अनजान लिंक: कूरियर, बैंक अपडेट या लॉटरी के नाम पर आए किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक न करें।
  3. ओटीपी साझा न करें: बैंक या कोई भी आधिकारिक संस्था फोन पर कभी ओटीपी (OTP) नहीं मांगती।
  4. रिपोर्ट करें: यदि आप ठगी का शिकार होते हैं, तो तुरंत राष्ट्रीय साइबर क्राइम हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें या www.cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज करें।

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