सितारगंज। उत्तराखंड के ऊधम सिंह नगर जिले के सितारगंज में एक निजी कंपनी में बाल श्रम कराने और काम के दौरान एक किशोर के गंभीर रूप से घायल होने का मामला सामने आया है। इस घटना पर कड़ा रुख अपनाते हुए श्रम विभाग की डीटीएफ (DTF) टीम ने छापेमारी कर कंपनी प्रबंधन के खिलाफ चालानी कार्रवाई की है, वहीं पुलिस ने कंपनी मालिक के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर लिया है।

मशीन में आया हाथ, अंगूठा काटने की आयी नौबत!
पूरा मामला किच्छा बाईपास रोड स्थित अग्रवाल फ्लेक्सिबल पैकेजिंग कंपनी का है। बीते 20 फरवरी को कंपनी में कार्यरत एक 16 वर्षीय किशोर रोहित, जो कि हेल्पर के पद पर तैनात था, का हाथ अचानक लेमिनेशन मशीन की चपेट में आ गया। इस हादसे में उसका दायां हाथ बुरी तरह जख्मी हो गया। चोट इतनी गंभीर थी कि उसका अंगूठा काटने की आयी नौबत आ गई। पीड़ित की मां पूजा देवी ने इस अमानवीय कृत्य और लापरवाही के खिलाफ श्रम प्रवर्तन अधिकारी से न्याय की गुहार लगाई थी।

श्रम विभाग की जांच में खुली पोल
शिकायत मिलते ही श्रम प्रवर्तन अधिकारी मीनाक्षी भट्ट ने मामले की जांच शुरू की। किशोर श्रमिक और उसके माता-पिता के बयान दर्ज करने के बाद जब टीम ने कंपनी का निरीक्षण किया, तो वहां नियमों की धज्जियां उड़ती मिलीं। जांच में पुष्टि हुई कि जोखिम भरे काम में 16 वर्षीय रोहित को हेल्पर के रूप में लगाया गया था, जो बाल एवं किशोर श्रम प्रतिषेध अधिनियम (संशोधित 2016) की धारा 3 (ए) का सीधा उल्लंघन है।

कंपनी मालिक पर मुकदमा दर्ज
श्रम विभाग की रिपोर्ट के आधार पर पुलिस ने अग्रवाल फ्लेक्सिबल पैकेजिंग कंपनी के मालिक प्रेंस मित्तल के खिलाफ बाल एवं किशोर श्रम अधिनियम की धारा 14 के अंतर्गत प्राथमिकी दर्ज की है। डीटीएफ टीम की इस छापेमारी में श्रम प्रवर्तन अधिकारी मीनाक्षी भट्ट, एएसआई ममता कुटियाल, चाइल्ड हेल्पलाइन से निकिता राणा, रेखा अधिकारी और विभिन्न एनजीओ के प्रतिनिधि शामिल रहे।

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