​पीलीभीत। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के निर्देशानुसार, सोमवार को सपा कैंप कार्यालय पीलीभीत पर महान समाज सुधारक संत शिरोमणि गाडगे महाराज की जयंती श्रद्धापूर्वक मनाई गई। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए सपा जिलाध्यक्ष जगदेव सिंह जग्गा ने संत गाडगे के जीवन पर प्रकाश डालते हुए बताया कि 23 फरवरी 1876 को जन्मे देबूजी झिंगराजी जानोरकर (संत गाडगे) ने अपना पूरा जीवन समाज से अंधविश्वास, कुरीतियों और छुआछूत को मिटाने में समर्पित कर दिया। उन्होंने कहा कि महाराज केवल उपदेश नहीं देते थे, बल्कि स्वयं झाड़ू उठाकर सफाई करते थे, जो आज के समय में स्वच्छता का सबसे बड़ा उदाहरण है।
​संगोष्ठी को संबोधित करते हुए जिला महासचिव नफीस अहमद अंसारी ने संत गाडगे को सादगी और सेवा का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि महाराज का मानना था कि “स्वच्छता ही सच्ची भक्ति है” और वे मंदिरों में पूजा से अधिक गांव और परिवेश की शुचिता को प्राथमिकता देते थे। वहीं, जिला उपाध्यक्ष नरेंद्र मिश्रा ‘कट्टर’ ने कहा कि संत गाडगे ने कीर्तन के माध्यम से न केवल धर्म की व्याख्या की, बल्कि शिक्षा, गौसेवा और वंचितों के लिए छात्रावास व धर्मशालाओं की स्थापना कर समाज सुधार का एक नया प्रतिमान स्थापित किया। उन्होंने समाज में व्याप्त जातिगत भेदभाव को मिटाने के उनके संदेश को आज भी प्रासंगिक बताया।
​इस गरिमामयी अवसर पर समाजवादियों ने उनके पदचिन्हों पर चलने का संकल्प लिया। कार्यक्रम में मुख्य रूप से जिला उपाध्यक्ष हाजी अकबर अहमद अंसारी, जिला प्रवक्ता अमित पाठक एडवोकेट, अधिवक्ता सभा के जिलाध्यक्ष ज्योति प्रकाश शुक्ला, संदीप सक्सेना, आशीष सक्सेना, रामू पाण्डेय, चंद्रप्रकाश यादव, रामपाल, अर्जुन भारती, धनपत मौर्य और नूर हसन सहित बड़ी संख्या में पदाधिकारी व कार्यकर्ता उपस्थित रहे। वक्ताओं ने एक स्वर में कहा कि संत गाडगे के स्वच्छता और शिक्षा के संदेश को जन-जन तक पहुँचाना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी।

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