पीलीभीत। स्थानीय गांधी स्टेडियम प्रेक्षागृह में वरिष्ठ साहित्यकार अविनाश चंद्र मिश्र ‘चंद्र’ की अपनी दिवंगत पत्नी की स्मृति में रचित कृति ‘तुमको भूल नहीं पाऊंगा’ का विमोचन गरिमामयी वातावरण में संपन्न हुआ। मुख्य अतिथि नगर पालिका अध्यक्ष डॉ. आस्था अग्रवाल ने कृति की सराहना करते हुए इसे एक पति की अपनी जीवन संगिनी के प्रति पवित्र अभिव्यक्ति बताया। इस अवसर पर दिल्ली की साहित्यकार मधु मधुबाला लवाना को प्रथम ‘सुमन लता मिश्रा स्मृति सम्मान’ से नवाजा गया। पुस्तक की समीक्षा अरुण भारद्वाज ‘मस्त’ व डॉ. रेनू सक्सेना ने की, जबकि अशोक पाठक व जियाउद्दीन जिया ने भी विचार व्यक्त किए।

समारोह के द्वितीय चरण में डॉ. अमिताभ अग्निहोत्री की अध्यक्षता में आयोजित अखिल भारतीय कवि सम्मेलन ने श्रोताओं को अंत तक बांधे रखा। फिरोजाबाद से आए संजीव सारस्वत ‘तपन’ ने सामाजिक विसंगतियों पर प्रहार करते हुए पढ़ा— “साथ देते हैं जटायु आज के सीताहरण में”, जिसे खूब सराहना मिली। एटा के मनोज मानव (कृष्ण मुरारी) ने जीवन की रिक्तता को स्वर देते हुए कहा— “भूल बैठे हैं अब हम तो, जिन्दगी की मधुर सरगम/ उजाले अब कहाँ दिखते, भर गया जिन्दगी में तम”। कानपुर की अंकिता शुक्ला ने रिश्तों की अहमियत बताते हुए पढ़ा— “रिश्ते बनाते हैं तो निभाते भी हमी है, होठों पे हंसी है मगर आंखों में नमी है”।

सम्मानित साहित्यकार मधु मधुबाला लवाना ने विरह के स्वर में पढ़ा— “सूख चुके हैं अश्क भी अब तो दर्द न ये कम होता है/ तन्हाई में बैठ अकेला अक्सर ये दिल रोता है”। कार्यक्रम के संयोजक अविनाश चंद्र मिश्र ने अपनी रचना ‘नदी तू धीरे-धीरे चल’ प्रस्तुत की। अंत में अध्यक्षीय संबोधन देते हुए डॉ. अमिताभ अग्निहोत्री ने अपनी व्यंग्यात्मक ‘कैप्सूल कविता’ पढ़ी— “कुत्ते रोए बिल्ली रोए, दरवाजे पर खड़ा खद्दरधारी”, जिस पर प्रेक्षागृह ठहाकों से गूंज उठा।

सम्मेलन में अलीगढ़ के अभय सिंह ‘अभय’, खैर के भुवनेश चौहान ‘चिंतन’, लखनऊ की स्वाति मिश्रा, पूरनपुर के रामावतार शर्मा, सतीश मिश्रा ‘अचूक’ व प्रदीप मिश्रा, तथा संजय पांडे ‘गोहर’, डॉ. देवेंद्र गोस्वामी, सिद्धार्थ मिश्रा एवं योगेंद्र गोस्वामी ने भी शानदार काव्य पाठ किया। डॉ. नीलेश कटियार और अविनाश चंद्र मिश्र चंद्र के संचालन में संपन्न हुए इस कार्यक्रम में नगर के तमाम गणमान्य नागरिक मौजूद रहे। सभी कवियों को पीलीभीत की बांसुरी व स्मृति चिन्ह भेंट कर विदा किया गया।

समारोह में जनपद के विशिष्ट नागरिकों की उपस्थिति उल्लेखनीय रही, जिनमें ब्राह्मण महासभा के जिलाध्यक्ष अशोक बाजपेई, पूर्व अध्यक्ष धीरेंद्र मिश्रा, डॉ. प्रभाकर शर्मा, डॉ. नीरू सक्सेना, डॉ. भरत कंचन और राजू पाठक सहित अनेक गणमान्य लोग शामिल थे। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान से हुआ।



