रुद्रपुर (उधम सिंह नगर): उत्तराखंड सरकार के ‘एंटी-अतिक्रमण’ अभियान के तहत शनिवार तड़के जिला प्रशासन और रेलवे की संयुक्त टीम ने बड़ी कार्रवाई की। पंतनगर हाईवे स्थित एम्स के पास रेलवे की बेशकीमती भूमि पर अवैध रूप से निर्मित “बेनी मजार” को भारी सुरक्षा घेरे के बीच ध्वस्त कर दिया गया।

नोटिस की अनदेखी के बाद हुई कार्रवाई
अपर जिलाधिकारी (ADM) पंकज उपाध्याय ने बताया कि यह मजार पूर्णतः अवैध रूप से रेलवे की जमीन पर बनाई गई थी। इज्जतनगर रेलवे प्रशासन ने इसके प्रबंधन को 26 मई 2023 और 18 सितंबर 2025 को स्पष्ट नोटिस जारी कर भूमि के मालिकाना हक के दस्तावेज मांगे थे। बार-बार चेतावनी और नोटिस की अवधि समाप्त होने के बावजूद न तो कोई दस्तावेज पेश किया गया और न ही अतिक्रमण हटाया गया।

शनिवार तड़के शुरू हुआ ऑपरेशन
रेलवे प्रशासन के अनुरोध पर जिलाधिकारी नितिन भदौरिया के निर्देशानुसार शनिवार तड़के पुलिस बल के साथ टीम मौके पर पहुंची। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए इलाके में कड़ी सुरक्षा तैनात की गई थी। टीम ने बुलडोजर की मदद से अवैध ढांचे को ढहा दिया और सरकारी भूमि को पूरी तरह कब्जामुक्त कराया।

जांच में नहीं मिले अवशेष, विकास कार्य में थी बाधा
ADM ने स्पष्ट किया कि ध्वस्तीकरण के बाद संरचना के नीचे किसी भी प्रकार के मानवीय या धार्मिक अवशेष नहीं पाए गए, जिससे यह सिद्ध हुआ कि यह केवल एक अवैध निर्माण था। यह ढांचा न केवल रेलवे की विस्तार योजनाओं में बाधा डाल रहा था, बल्कि बरेली-नैनीताल हाईवे के चौड़ीकरण कार्य को भी प्रभावित कर रहा था।

धामी सरकार का कड़ा संदेश: “अतिक्रमण बर्दाश्त नहीं”
उल्लेखनीय है कि उत्तराखंड में अब तक सरकारी भूमि से 582 अवैध धार्मिक और अन्य ढांचे हटाए जा चुके हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रदेश में ‘लैंड जिहाद’ और अवैध कब्जों के खिलाफ सख्त रुख अपना रखा है। उन्होंने साफ कहा है कि सरकारी भूमि पर अतिक्रमण करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा और देवभूमि के स्वरूप से खिलवाड़ करने वाले हर अवैध निर्माण को हटाया जाएगा।


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