सितारगंज (ऊधम सिंह नगर)। उत्तराखंड में बेशकीमती वन संपदा की चोरी और तस्करी को रोकने के लिए वन विभाग ने अपनी कार्रवाई तेज कर दी है। इसी क्रम में रनसाली वन क्षेत्र की सरोंजा बीट में वन विभाग की टीम ने मंगलवार देर रात एक बड़ी और कामयाब कार्रवाई को अंजाम दिया है। विभागीय टीम ने रात के सन्नाटे में छापेमारी कर कीमती सागौन के लट्ठों (सागौन की लकड़ी) से लदी हुई चार मोटरसाइकिलें (बाइक) मौके से बरामद की हैं। हालांकि, वन विभाग की अचानक हुई इस घेराबंदी से घबराए तस्कर घने जंगल और रात के अंधेरे का फायदा उठाकर भागने में सफल रहे। वन विभाग ने चारों वाहनों और तस्करी की लकड़ी को अपने कब्जे में लेकर सख्त कानूनी विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है।
सरोंजा बीट में रात के सन्नाटे में हुई घेराबंदी, लकड़ी छोड़कर भागे तस्कर
मामले की विस्तृत जानकारी देते हुए रनसाली रेंज के रेंजर महेंद्र सिंह रैकुनी ने बताया कि मंगलवार मध्य रात्रि को उन्हें गुप्त मुखबिर से पुख्ता सूचना मिली थी कि कुछ शातिर वन तस्कर सरोंजा बीट क्षेत्र से बेशकीमती लकड़ियों को काटने और उन्हें तस्करी के जरिए बाहर ले जाने की फिराक में हैं। सूचना पर त्वरित एक्शन लेते हुए वन विभाग की एक विशेष टीम तत्काल सक्रिय की गई। टीम ने सूझबूझ का परिचय देते हुए सरोंजा बीट के अंतर्गत वन निगम के लॉट संख्या 4 एवं 5 में रणनीतिक रूप से घेराबंदी (नाकेबंदी) कर दी। इसी दौरान जंगल के रास्ते से बाइकों पर भारी सामान लादकर आते हुए कुछ लोग दिखाई दिए। जब वन कर्मियों ने उन्हें ललकारा, तो वन विभाग की इस अचानक कार्रवाई को देखकर तस्करों के होश उड़ गए। वे तुरंत अपनी बाइकों को मौके पर ही छोड़कर घने जंगलों के रास्ते अंधेरे में रफूचक्कर हो गए।
वाहन नंबर और चेसिस नंबर से खुलेगा तस्करों का राज, जांच तेज
तस्करों के भागने के बाद जब टीम ने मौके की जांच की, तो वहां सागौन के भारी लट्ठों से लदी हुई चार बाइकें लावारिस हालत में खड़ी मिलीं। वन विभाग की टीम ने चारों बाइकों को अपने नियंत्रण में लिया और भारी सुरक्षा के बीच उन्हें रेंज कार्यालय रनसाली लेकर आई। रेंजर महेंद्र सिंह रैकुनी ने स्पष्ट किया कि भले ही तस्कर रात के अंधेरे में भागने में सफल रहे हों, लेकिन वे कानून की गिरफ्त से ज्यादा दिन दूर नहीं रह पाएंगे। वन विभाग की टीम अब पकड़े गए चारों वाहनों के नंबर, इंजन नंबर और चेसिस नंबर के आधार पर परिवहन विभाग (RTO) की मदद से उनके असली स्वामियों का पता लगाने में जुट गई है। इस पूरे मामले में वन अधिनियम (Forest Act) की विभिन्न गंभीर और सुसंगत धाराओं के तहत विधिक मुकदमा दर्ज कर आगे की दंडात्मक कार्रवाई की जा रही है।
इस जांबाज टीम को मिली बड़ी सफलता
जंगल के भीतर रात के समय इस जोखिम भरे और सफल ऑपरेशन को अंजाम देने वाली वन विभाग की टीम में मुख्य रूप से वन दरोगा यशवंत रावत, नंद किशोर पांडेय, अरविंदर सिंह, भास्कर जोशी, गणेश पलड़िया, अंकित राणा, अमन कुमार और शक्ति सिंह शामिल रहे। उच्च अधिकारियों ने तस्करों के मंसूबों को नाकाम करने वाली इस टीम की मुस्तैदी की जमकर सराहना की है।