बद्रीनाथ/चमोली। भू-वैकुंठ श्री बद्रीनाथ धाम के कपाट 23 अप्रैल 2026 को ब्रह्ममुहूर्त में श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए जाएंगे। इस पावन अवसर पर देश-विदेश से आने वाले लाखों तीर्थयात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए SDRF (State Disaster Response Force) ने धाम में अपना डेरा डाल दिया है। उत्तराखंड पुलिस के निर्देशानुसार, यात्रा मार्ग से लेकर मुख्य मंदिर परिसर तक सुरक्षा का पुख्ता घेरा तैयार किया गया है।

🚨 आपदा राहत के लिए ‘स्पेशल फोर्स’ तैनात

SDRF की विशेष टीमें अत्याधुनिक रेस्क्यू उपकरणों, सैटेलाइट फोन और प्राथमिक चिकित्सा किट के साथ तैनात की गई हैं। यात्रा के दौरान ग्लेशियर, भारी बारिश या भूस्खलन जैसी किसी भी आपात स्थिति में क्विक रिस्पांस टीम (QRT) तत्काल राहत और बचाव कार्य शुरू करने के लिए पूरी तरह मुस्तैद है।

सतत निगरानी और सुगम यात्रा का संकल्प

  • पैदल मार्ग पर पैनी नजर: धाम क्षेत्र और यात्रा के मुख्य पड़ावों पर SDRF के जवान 24 घंटे निगरानी रख रहे हैं।
  • श्रद्धालुओं की सहायता: पुलिस और SDRF का मुख्य फोकस बुजुर्गों और बीमार यात्रियों को सहायता प्रदान करना और भीड़ प्रबंधन (Crowd Management) को व्यवस्थित रखना है।
  • उत्तराखंड पुलिस की प्रतिबद्धता: विभाग ने स्पष्ट संदेश दिया है कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा, सुगमता और व्यवस्थित दर्शन उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है।

यात्रियों के लिए सलाह

SDRF और चमोली प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे मौसम की जानकारी लेकर ही यात्रा शुरू करें और मार्ग पर तैनात सुरक्षा कर्मियों के निर्देशों का पूरी तरह पालन करें। 


(आधुनिक दुनिया को सभी स्थानों पर संवाददाताओं की आवश्यकता है। इच्छुक संपर्क करें- 8923815100 व्हाट्अप पर अपना नाम, स्थान, यदि कोई अनुभव है तो उसकी जानकारी और कहां से संवाददाता बनना चाहते हैं उस स्थान का नाम लिखें संपर्क करें। यदि आप पत्रकारिता सीखने के इच्छुक हैं, तो भी संपर्क कर सकते हैं।)

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *