पीलीभीत। यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (UFBU) के आह्वान पर शुक्रवार 11 सितंबर को देशभर के करीब 8 लाख बैंक कर्मचारियों और अधिकारियों ने 5-डे बैंकिंगलागू करने और परफॉर्मेंस लिंक्ड इंसेंटिव योजना के विरोध में एक दिवसीय राष्ट्रव्यापी हड़ताल रखी। सरकार और इंडियन बैंक्स एसोसिएशन (IBA) के साथ हुई सुलह वार्ता विफल रहने के बाद यूनियनों ने कार्य बहिष्कार का रास्ता अपनाया। इसके चलते एसबीआई, पंजाब नेशनल बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा सहित प्रमुख सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों में कामकाज पूरी तरह ठप रहा और चेक क्लीयरेंस तथा नकद लेनदेन प्रभावित होने से आम जनता को काफी असुविधा का सामना करना पड़ा।
हड़ताल के दौरान पीलीभीत में बैंक कर्मचारियों का भारी आक्रोश देखने को मिला। शुक्रवार सुबह सभी बैंक कर्मचारी भारतीय स्टेट बैंक की मुख्य शाखा पर एकत्र हुए और वहां से जुलूस निकालते हुए एसबीआई के क्षेत्रीय कार्यालय पहुंचे, जहां जोरदार प्रदर्शन किया गया। इसके बाद कर्मचारियों ने शहर के चौक बाजार स्थित एक्सिस बैंक, एचडीएफसी बैंक, आईडीबीआई बैंक और बंधन बैंक जैसी निजी व अन्य शाखाओं तक पहुंचकर प्रदर्शन किया और उन्हें बंद कराया। निजी बैंकों को बंद कराने के बाद सभी प्रदर्शनकारी पुनः एसबीआई की मुख्य शाखा पर लौटे और मांगों के समर्थन में जमकर नारेबाजी की। UFBU के जिला संयोजक शैलेंद्र गुप्ता ने दावा किया कि जिले में हड़ताल पूर्ण रूप से सफल रही और इसके चलते लगभग 90 करोड़ रुपये का बैंकिंग लेनदेन ठप हो गया।

प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे UFBU के जिला संयोजक तथा भारतीय स्टेट बैंक कर्मचारी संघ के सह-महामंत्री शैलेंद्र गुप्ता ने कर्मचारियों की मुख्य मांगों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि मार्च 2024 में हुए द्विपक्षीय समझौते के तहत रोजाना 40 मिनट काम के घंटे बढ़ाकर सोमवार से शुक्रवार तक 5-डे बैंकिंग लागू करने पर सहमति बनी थी, जो पिछले दो सालों से वित्त मंत्रालय के पास लंबित है। इसे तुरंत लागू किया जाए। इसके अलावा, सरकार द्वारा एकतरफा लागू की गई PLI नीति को वापस लेकर यूनियनों के साथ वार्ता कर संशोधित करने, पेंशनरों की समस्याओं का समाधान करने और रिक्त पदों पर त्वरित बहाली की मांग की गई।
यूनियन नेताओं ने स्पष्ट किया कि यदि सरकार और बैंक प्रबंधन ने आज की हड़ताल के बाद भी उनकी न्यायसंगत मांगों पर सकारात्मक रुख नहीं दिखाया, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। चरणबद्ध आंदोलन के अगले चरण के तहत 28, 29 और 30 सितंबर 2026 को लगातार तीन दिनों की राष्ट्रव्यापी हड़ताल आयोजित की जाएगी। इसके बावजूद यदि समाधान नहीं निकला, तो 26 अक्टूबर 2026 से अनिश्चितकालीन कार्य बहिष्कार शुरू कर दिया जाएगा। इस आंदोलन का संचालन एआईबीईए, एआईबीओसी, एनसीबीई, एआईबीओए, बेफी, आईएनबीओसी और आईएनबीईएफ जैसे प्रमुख संगठनों के संयुक्त मंच के बैनर तले किया जा रहा है।

इस विशाल विरोध प्रदर्शन और मार्च में यूपी बैंक एम्पलाइज यूनियन के जिला सचिव शशि सुमन, बैंक ऑफ बड़ौदा ऑफिसर्स संगठन के क्षेत्रीय सचिव गौरव सिंह गुर्जर, पेंशनर ऑफिसर्स एसोसिएशन के अशोक शर्मा, वरुण कुमार गंगवार, सुनील कटियार, श्वेता कुरदेशिया, पुष्पा टम्टा, मनोज दिवाकर, रमेश कुमार, विकास कौर, विकास रावत, पंकज कुमार, विनोद सिंह, कुलदीप सिंह, दीपक सिंह, विवेक कुमार, इंद्रपाल, पूनम, शिवानी, ममता सैनी, महिमा, रिया शर्मा, वैशाली, नवीनता, मोनिका, बबीता वार्ष्णेय, दीपांशु, राजकुमार, मनीष, राहुल, रामकुमार, अमन गुप्ता, उस्मान अली, कासिम, जावेद और विवेक सहित भारी संख्या में बैंक कर्मचारी उपस्थित रहे।